दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस की जांच में अहम जानकारी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, हादसे से करीब 10 दिन पहले इमारत में रेनोवेशन का काम शुरू किया गया था. बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के लेवल तक लाने के लिए उसमें करीब तीन ट्रक मलबा डाला गया था.
वहीं, हादसे वाले दिन ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए जगह बढ़ाने के मकसद से एक दीवार तोड़ दी गई. पुलिस का कहना है कि इसके बाद बिल्डिंग भार नहीं संभाल सकी और भरभराकर गिर गई.
मामले में पुलिस ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार और PG ऑपरेटर सुधांशु लवनीश को भी गिरफ्तार किया है. इससे पहले बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था. तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया.
कासगंज से पकड़ा गया ठेकेदार सनोज
पुलिस के मुताबिक, 35 वर्षीय सनोज कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया और दिल्ली लाकर गिरफ्तार किया गया. वह दिल्ली के मोती बाग स्थित जेजे कैंप, नानकपुरा में रहता है और मूल रूप से बिहार के बांका जिले के माणिकपुर गांव का रहने वाला है.

पूछताछ में सनोज ने पुलिस को बताया कि करीब 10 दिन पहले महेश गुप्ता ने उसे बिल्डिंग के रेनोवेशन का काम दिया था. उसे इस काम के लिए प्रतिदिन 2,800 रुपये दिए जा रहे थे. बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर करने के लिए करीब तीन ट्रक मलबा उसमें भरा गया था.
सनोज के मुताबिक, ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए जगह बनाने में एक दीवार बाधा बन रही थी. हादसे वाले दिन इस दीवार को हटा दिया गया. पुलिस का कहना है कि इसके बाद इमारत भार नहीं संभाल सकी और ढह गई.
जर्जर हालत के कारण कम किराये पर ली थी बिल्डिंग
पुलिस ने PG ऑपरेटर 31 वर्षीय सुधांशु लवनीश को भी गिरफ्तार किया है. पूछताछ में उसने बताया कि उसने 2019 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया था. साल 2022 से वह अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ सत्य निकेतन इलाके में 'Hostel Daze' नाम से PG चला रहा था. फिलहाल वह आसपास सात PG संचालित कर रहा है.
पुलिस के मुताबिक, सुधांशु और शुभम ने अगस्त 2025 में हादसे वाली बिल्डिंग की चार मंजिलें 1.05 लाख रुपये प्रतिमाह के किराये पर ली थीं. पूछताछ में सुधांशु ने बताया कि बिल्डिंग जर्जर हालत में होने के कारण उन्हें यह कम किराये पर मिली थी.
पुलिस का आरोप है कि सुधांशु को इमारत में चल रहे निर्माण कार्य की जानकारी थी और वह यह भी जानता था कि इससे पूरी बिल्डिंग प्रभावित हो सकती है, इसके बावजूद उसने इस ओर ध्यान नहीं दिया.
तीनों आरोपी पुलिस कस्टडी में
दिल्ली पुलिस ने महेश गुप्ता, सनोज कुमार और सुधांशु को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया. महेश की पहले मिली दो दिन की पुलिस कस्टडी पूरी होने के बाद उसे दोबारा कोर्ट लाया गया, जबकि सनोज और सुधांशु को गिरफ्तारी के बाद पेश किया गया.
पुलिस ने तीनों आरोपियों की तीन दिन की पुलिस कस्टडी मांगी थी. पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मामले में एक अन्य आरोपी शुभम त्यागी को भी गिरफ्तार किया जाना है. पुलिस के मुताबिक, मकान मालिक हरिराम गुप्ता ने शुभम त्यागी को बिल्डिंग का एक फ्लोर लीज पर दिया था. कोर्ट ने तीनों आरोपियों की दो दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की.

वकील ने लगाया 'मीडिया ट्रायल' का आरोप
सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने मामले में 'मीडिया ट्रायल' किए जाने का आरोप लगाया. वकील की आपत्ति के बाद कोर्ट ने मीडिया कर्मियों को कोर्टरूम से बाहर जाने के लिए कहा.
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर हादसे से जुड़े घटनाक्रम और उपलब्ध सबूतों का मिलान करेगी. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बिल्डिंग में रेनोवेशन और दीवार तोड़ने का फैसला किसके निर्देश पर लिया गया था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी. मामले की जांच जारी है.