दिवाली से पहले दिल्ली में मिलावट और खराब खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के लिए सरकार ने मिठाई की दुकानों, डेयरियों और खाद्य पदार्थ बनाने वाली यूनिट्स पर जांच अभियान चलाया. इस दौरान करीब 100 किलो ऐसी खाद्य सामग्री मिली, जो खाने लायक नहीं थी. अधिकारियों ने इसे मौके पर ही नष्ट कर दिया. शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के दौरान अलग-अलग इलाकों से मिठाई और डेयरी उत्पादों के 40 सैंपल भी लिए गए हैं.
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, शाहदरा, दक्षिणी दिल्ली और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में दुकानों और निर्माण इकाइयों की जांच की. इसका मकसद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई के मानकों की जांच करना था.
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मंडोली की डेयरी में मिली खराब सामग्री
उत्तर-पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और शाहदरा इलाके में 22 सैंपल लिए गए. इनमें खोया, पनीर, घी, कलाकंद, लड्डू, गुलाब जामुन और ड्राई फ्रूट गिफ्ट पैक शामिल थे. मंडोली एक्सटेंशन की एक डेयरी में बदबूदार खोया मिला. इसके अलावा रसगुल्लों और दूध में मच्छर और मक्खियां पाई गईं. अधिकारियों ने मौके पर करीब 100 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कर दी.
दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 12 मिठाई की दुकानों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की जांच की गई. यहां से लड्डू, बर्फी, कलाकंद, रसगुल्ला, खोया, छेना, पनीर, घी और स्किम्ड मिल्क पाउडर के 18 सैंपल लिए गए.
8 प्रतिष्ठानों को सुधार के नोटिस
एक शिकायत के बाद निहाल विहार की मिठाई बनाने वाली यूनिट की भी जांच की गई. यहां से तीन सैंपल लिए गए. अधिकारियों के मुताबिक, यह यूनिट भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) में रजिस्ट्रेशन के बिना चल रही थी.
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सफाई और स्वच्छता के मानकों में कमी मिलने पर आठ प्रतिष्ठानों को सुधार के नोटिस दिए गए हैं. लैब रिपोर्ट और जांच के नतीजों के आधार पर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट और साफ-सफाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने विभाग को मिठाई की दुकानों, डेयरियों और खाद्य निर्माण इकाइयों की नियमित जांच करने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.