कॉकरोच जनता पार्टी ने शुक्रवार को केंद्र पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार जेन-जी से डर गई है. सीजेपी ने कहा कि देश में आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए गए हैं. दरअसल, सीजेपी ने शनिवार को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है. इस प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस ने परमिशन नहीं दी है. वहीं इससे पहले राजधानी छावनी में तब्दील हो गई है. कॉकरोच जनता पार्टी ने पोस्टर जारी कर प्रदर्शनकारियों से शनिवार सुबह 10 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने की अपील की है.
अब इसको लेकर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं. दिपके ने कहा, 'केंद्र सरकार Gen Z से डरती है.'

'इतना डर है तो पूरा देश बंद कर दीजिए'
अभिजीत दिपके ने कहा कि CJP के कार्यकर्ता शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अपनी योजना पर कायम हैं. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'अगर आप युवाओं से इतना डरते हैं, तो पूरा देश ही बंद कर दीजिए.'
उन्होंने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने की भी आलोचना की. दिपके ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार चाहे तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है.
'देश में आपातकाल जैसे हालात'
सीजेपी के सौरव दास ने देश की मौजूदा स्थिति की तुलना आपातकाल से की. उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि कुछ को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है. दास ने कहा, 'किसी भ्रम में न रहें. देश में आपातकाल लगा दिया गया है और दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है.'
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी
गौरतलब है कि सीजेपी ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने पार्टी को इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया है. संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. उसका आरोप है कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण में अनियमितताएं हुई हैं. इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी भी लगातार सड़कों पर है.