मंगलवार को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर सीबीआई की टीम IRCTC टेंडर घोटाले मामले में पूछताछ करने के लिए पहुंची. सीबीआई ने कई घंटों तक राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से पूछताछ की. पूछताछ के लिए सीबीआई के करीब दर्जन भर अफसर राबड़ी देवी के घर पहुंचे थे.
गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई के महीने में भी पहली बार इस पूरे मामले को लेकर लालू के घर पर सीबीआई की छापेमारी हुई थी जिसके बाद नीतीश कुमार सरकार महागठबंधन से अलग हो गए थे. पटना में राबड़ी के आवास 10 सर्कुलर रोड पर राबड़ी और उनके बेटे व बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से पूछताछ की गई.
CBI searches at Rabri Devi's Patna residence conclude, son Tejashwi Yadav questioned for over 4 hours in connection railway hotel tender case.
— ANI (@ANI)
आरजेडी ने की आलोचना
सीबीआई की छापेमारी पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता शिवानंद तिवारी ने कहा, 'कितना नीचे उतर सकते हैं लोग! लालू परिवार बेटे की शादी की तैयारी में व्यस्त है और उनके घर सीबीआई छापा मार रही है. शुभकाम में विघ्न डालने का काम हो रहा है.'
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे से भी सीबीआई की इस कार्रवाई को जोड़ा. शिवानंद तिवारी ने कहा कि या महज संयोग है या और कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों बिहार में एक साथ हैं और छापेमारी हो रही है.
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे. आरोप है कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव का काम एक कंपनी को पटना में प्रमुख जगह पर स्थित जमीन रिश्वत के रूप में प्राप्त करके सौंपा था, जो लालू यादव के परिवार के सदस्यों के नाम पर है.
यह रिश्वत बेनामी कंपनी के जरिए ली गई थी, जिसकी मालिक सरला गुप्ता है. आरोप लगाया गया था कि पटना में एक कीमती जमीन के बदले में पुरी और रांची में स्थित दो होटल के रखरखाव का अनुबंध सुजाता होटल्स को दिया गया. ज़मीन बाद में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नाम हो गई थी.
आपको बता दें कि बिहार के इन दिनों चारा घोटाले मामले में जेल की सज़ा काट रहे हैं. हालांकि, पिछले कुछ दिनों से खराब तबीयत के कारण वह नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती हैं.