हाल ही में उत्तराखंड में एक स्टेज शो के दौरान सिंगर दलेर मेहंदी के गाने के अंदाज को लेकर विवाद हो गया है. उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री ने दलेर पर शराब के नशे में होने और सही से न बोल पाने का आरोप लगाया है. इस घटना को लेकर सिंगर मीका सिंह और कॉमेडियन कपिल शर्मा समेत कई सेलिब्रिटीज ने आपत्ति जताई है. ये सब दलेर मेहंदी की सपोर्ट में सामने आए हैं. सभी का कहना है कि दलेर शराब नहीं पीते हैं. इस बीच डॉक्टरों का भी कहना है कि बिना जांच किए शराब पीने का आरोप लगाना गलत है. किसी व्यक्ति की आवाज लड़खड़ाने, बोलने में परेशानी होने भर से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह नशे में है.
बिना जांच शराब पीने का आरोप लगाना गलत?
हर्ष ईएनटी हॉस्पिटल के प्रोफेसर डॉ. बीपी त्यागी ने इस बारे में Aajtak.in को बताया है. डॉ त्यागी बताते हैं कि किसी व्यक्ति पर शराब पीने का आरोप लगाने से पहले इसकी पुष्टि के लिए जांच होनी चाहिए. केवल उसके बोलने या गाना गाने के तरीके को देखकर ये कहना ठीक नहीं है कि व्यक्ति ने शराब पी हुई है.
डॉ. त्यागी के मुताबिक, अगर दलेर मेहंदी के व्यवहार या बोलने के तरीके को लेकर संदेह है, तो मौके पर ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट से जांच की जा सकती थी. ये एक बहुत छोटा सा आसान टेस्ट है. इससे शरीर में शराब होने की पुष्टि हो जाती है.
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सही से न बोल पाने की हो सकती हैं कई मेडिकल वजह
डॉ त्यागी ने बताया कि आवाज में बदलाव, शब्दों का साफ न निकलना या बोलने में लड़खड़ाहट का कारण कई समस्याएं हो सकती हैं. इनमें गले और आवाज से जुड़ी समस्याएं, गले में कोई इंफेक्शन, सर्जरी के बाद कुछ दवाओं का असर, थकान जैसी स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हो सकती हैं. इन समस्याओं वाला व्यक्ति सही तरीके से बोल नहीं पाता है. हालांकि दलेर मेहंदी को क्या हेल्थ प्रॉब्लम हैं ये तो उनके डॉक्टर को ही बेहतर पता होगा, लेकिन सही से न बोल पाना एक मेडिकल कंडीशन है. इसको शराब पीने से ही जोड़कर देखना गलत है.
दूसरी तरफ, उत्तराखंड के केबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि उनकी मंशा किसी को भी ठेस पहुंचाने की नहीं थी. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गानों के लेकर नाराजगी जाहिर की थी और सवाल उठाने शुरू किए थे. ऐसे में एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हे स्टेज पर जाना पड़ा और उन्होंने दलेर मेहंदी से सवाल किए.
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ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट क्या बताता है?
ब्रेथ एनालाइजर एक ऐसा उपकरण है, जिससे सांस में मौजूद अल्कोहल की मात्रा का अनुमान लगाया जाता है. इसका इस्तेमाल शराब के पीने की जांच के लिए किया जाता है. जब आप मशीन में फूंक मारते हैं, तो यह आपकी सांस में मौजूद अल्कोहल को मापती है.मशीन इस सांस के स्तर के आधार पर यह गणना करती है कि आपके खून में शराब का प्रतिशत कितना है.