पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी PCOS जिसे अब PMOS कहते हैं कि एक आम बीमारी बन गई है. इसकी वजह से महिलाओं में पीरियड्स समय पर नहीं आते हैं और ओव्यूलेशन भी सही तरीके से नहीं हो पाता है. यही वजह है कि कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंट होने में भी समय लगता है या हो नहीं पाती हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या इस बीमारी से पीड़ित महिलाएं बच्चा कंसीव नहीं कर सकती है?इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
PCOS को सही तरीके से मैनेज किया जा सकता है. उनके मुताबिक हर महिला में इसका असर अलग होता है, इसलिए इलाज और प्रेग्नेंसी की योजना भी महिला की स्थिति के हिसाब से तय की जानी चाहिए.
यह भी पढ़ें: World IVF Day 2026 : किस महिला को होती है IVF की जरूरत, जानें कब कपल्स को डॉक्टर देते हैं इसकी सलाह
PCOS में गर्भधारण में क्यों हो सकती है परेशानी?
आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. मुग्धा रस्तोगी, बताती हैं कि PCOS में सबसे बड़ी समस्या अनियमित ओव्यूलेशन की होती है, कुछ महिलाओं में अंडा नियमित रूप से रिलीज नहीं होता. ऐसे में प्रेग्नेंसी के के लिए जरूरी फर्टाइल दिनों का अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है, हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि इस बीमारी का शिकार कोई महिला बाझंपन का शिकार हो ही जाएगी.
यह भी पढ़ें: इंफर्टिलिटी ने बढ़ाई आईवीएफ सेंटर्स की कमाई
कुछ महिलाओं में PCOS के साथ वजन बढ़ना, इंसुलिन रेजिस्टेंस या दूसरी मेटाबॉलिक समस्याएं भी हो सकती हैं. इसलिए केवल पीरियड्स अगर समय पर नहीं आ रहे हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि पीसीओएस की वजह से प्रेग्नेंसी नहीं हो सकती है. अगर महिलाएं सेहत का ध्यान रखें और इसको सही तरीके से कंट्रोल कर ले तो फिर कोई खास समस्या होने की आशंका नहीं रहती है.
कब करानी चाहिए फर्टिलिटी जांच?
अगर पीरियड्स लगातार कई महीनों से नहीं आ रहें हैं तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.जो महिलाएं प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, उनमें डॉक्टर जरूरत के अनुसार ओव्यूलेशन, ओवेरियन रिजर्व, वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ जैसे दूसरे फैक्टर भी देख सकती हैं. ऐसे मामलों में फर्टिलिटी जांच करानी चाहिए. डॉ. मुग्धा रस्तोगी बताती हैं कि PCOS ऐसी स्थिति है जिसे सही तरीके से मैनेज किया जा सकता है, यह उम्मीद छोड़ देने का कारण नहीं है.