18 अक्टूबर को उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और गायक दलेर मेहंदी के बीच मंच पर हुई कहासुनी के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें एक महिला, उनियाल से ऊंची आवाज में बहस करती नजर आ रही है. इस वीडियो को शेयर करते हुए कई यूजर्स लिख रहे हैं कि सुबोध उनियाल को बहुत जल्द अपने कर्मों का फल मिल गया.
वीडियो में महिला सुबोध उनियाल से कहती है कि वो सिर्फ बीजेपी के नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के मंत्री हैं, और वो बूथ में नहीं आ सकते. इस पर उनियाल भड़क जाते हैं और दोनों में कुछ देर तक तू-तू, मैं-मैं चलती रहती है.

वीडियो के ऊपर लिखा है, “दलेर मेहंदी का अपमान करने वाले बीजेपी मंत्री को मिल ही गया कर्मफल!” साथ ही कैप्शन में लिखा है, “कुदरत का इंसाफ हो या कर्मों का हिसाब. वक्त सबका आता है! दलेर मेहंदी जी को भरे मंच पर खरी-खोटी सुनाने वाले बीजेपी मंत्री सुबोध उनियाल की बूथ पर महिलाओं से हुई भिड़ंत. कलाकार का अपमान करने वाले मंत्री को अब महिला शक्ति के विरोध का सामना करना पड़ा!”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो जून 2026 का है. उत्तराखंड के मंत्री और दलेर मेहंदी के बीच हुए विवाद से इसका कोई लेना-देना नहीं है.
कैसे पता चली सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें इसका लंबा वर्जन इसी साल 9 जून के एक फेसबुक पोस्ट में मिला, जिससे साफ हो जाता है कि ये वीडियो गायक और मंत्री के बीच हुए हालिया विवाद से संबंधित नहीं है.

फेसबुक पोस्ट के कैप्शन के मुताबिक, सुबोध उनियाल से बहस कर रही महिला का नाम प्रमिला रावत है.
कीवर्ड सर्च के जरिये हमें जून 2026 में छपी ‘ईटीवी भारत’ और ‘इंडिया टीवी’ समेत कई रिपोर्ट्स मिलीं. इनके मुताबिक, ये घटना टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर नगर पालिका चुनाव के वक्त की है. मतदान के दौरान उत्तराखंड क्रांति दल की नेत्री प्रमिला रावत ने मंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पोलिंग बूथ के अंदर प्रवेश किया. जबकि आयोग के नियम के मुताबिक बूथ के अंदर केवल मतदाता, प्रत्याशी, उनके अधिकृत एजेंट और चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारी ही जा सकते हैं. इसी को लेकर सुबोध उनियाल और प्रमिला रावत के बीच तीखी नोकझोंक हो गई थी.
प्रमिला रावत ने भी इस घटना का एक दूसरा वीडियो अपने फेसबुक पर शेयर किया था. कैप्शन में उन्होंने लिखा था, “आज नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र नगर पालिका परिषद के चुनाव में सुबोध उनियाल जी ने किया चुनाव का उल्लंघन.”
क्या है पूरा मामला?
18 अक्टूबर को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में कुंजपुरी मेले के दौरान दलेर मेहंदी जब मंच पर थे, उसी वक्त मंच से सुबोध उनियाल ने उन पर नशे में गाना गाने का आरोप लगाया. उनियाल ने तंज कसते हुए दलेर मेहंदी से कहा, “इतना पैसे देकर हमने आपको बुलाया है. आप बेवकूफ बना रहे हैं हमें. बोला तो जा नहीं रहा, गाना क्या गाओगे?”
मंत्री के इस बर्ताव से नाराज मीका सिंह समेत बॉलीवुड कई बड़ी हस्तियों ने दलेर मेहंदी के पक्ष में बयान दिए हैं. मीका सिंह तो मंत्री उनियाल की माफी की मांग पर अड़ गए हैं. मामला इतना बढ़ गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बीच में आना पड़ा. उन्होंने मिका सिंह से फोन पर बात की और दोनों पक्षों से बातचीत के जरिये विवाद सुलझाने का आह्वान किया.
सुबोध उनियाल ने भी एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा और दलेर मेहंदी पर लाइव ना गाकर, सिर्फ लिप-सिंक (म्यूजिक के साथ सिर्फ होंठ हिलाना) करने का आरोप भी लगाया.
कुल मिलाकर बात साफ है कि वायरल वीडियो का हाल ही में दलेर मेहंदी और मंत्री के बीच हुए विवाद से कोई लेना-देना नहीं है.