
राजस्थान के नगर निकाय चुनाव का नतीजा 14 सितंबर को आया था. खास बात ये है कि डीडवाना-कुचामन जिले के परबतसर नगर पालिका के कुछ वार्ड में बीजेपी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रत्याशियों को महज 1-1 वोट मिला.
अब किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोते एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि ये व्यक्ति बीजेपी के प्रत्याशी हैं, जो राजस्थान निकाय चुनाव में सिर्फ एक वोट मिलने पर फूट-फूटकर रोने लगे.
वीडियो पर लिखा है, “राजस्थान निकाय चुनाव में BJP प्रत्याशी को मिला सिर्फ 1 वोट, अपने घर वाले भी नहीं दिए वोट.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति बीजेपी नेता नहीं, बल्कि आरजेडी के पूर्व नेता शिवचंद्र राम हैं. वो बिहार विधान परिषद (MLC) का टिकट न मिलने की वजह से रो रहे थे.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये वीडियो न्यूज पिन्च के एक्स हैंडल पर मिला. इसे 8 जून, 2026 को शेयर किया गया था. इसके मुताबिक, बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव में टिकट नहीं मिलने के कारण आरजेडी नेता शिवचंद्र राम फूट-फूटकर रोने लगे थे.
जागरण और दैनिक भास्कर की जून 2026 की रिपोर्ट भी यही कहती है. इन खबरों के मुताबिक विधान परिषद (MLC) चुनाव में टिकट नहीं मिलने की वजह से आरजेडी के बड़े दलित नेता और पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने नाराज होकर इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने पार्टी पर वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया था.
साफ है कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति बीजेपी नेता नहीं हैं.
किसे मिला राजस्थान निकाय चुनाव में सिर्फ 1 वोट?
रिपोर्ट के मुताबिक, डीडवाना-कुचामन जिले के परबतसर नगरपालिका में वार्ड नंबर-13 से बीजेपी प्रत्याशी कैलाश चंद्र को सिर्फ 1 वोट मिला था. यहां कांग्रेस की हिना खानम को 376 वोट मिले, जबकि निर्दलीय रसीद खां भी 195 वोट पाने में कामयाब रहे. इसके अलावा वार्ड नंबर-20 से RLP के प्रत्याशी भंवरलाल को भी सिर्फ 1 वोट मिला था.
इस सिलसिले में हमने कैलाश चंद्र से बात की. उन्होंने बताया कि वो और उनका परिवार वार्ड नंबर-12 के मतदाता हैं, जबकि बीजेपी ने उन्हें वार्ड नंबर-13 से प्रत्याशी बनाया था. उन्होंने बताया कि मुस्लिम बहुल इलाका होने की वजह से उन्हें वोट नहीं मिले और वो हार गए. उन्होंने ये भी कहा कि कार्यकर्ता साथ में घूमे जरूर लेकिन किसी ने उन्हें वोट नहीं दिया.
हमने भंवरलाल से भी बात की. उनका कहना था कि वो बीजेपी से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला. फिर उन्होंने RLP के टिकट पर चुनाव लड़ा. लेकिन वो गांव से आकर परबतसर में बसे थे, जिसके कारण उन्हें वोट नहीं मिला.