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मैंने सही समय पर बॉलीवुड में प्रवेश किया: बोमन

कहते हैं कि बॉलीवुड में प्रवेश करने के लिए कमसिन उम्र सबसे मुफीद होती है, लेकिन ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ में प्रोफेसर अस्थाना और ‘थ्री इडियट’ में वाइरस की भूमिका से सबका दिल जीतने वाले बोमन ईरानी का मानना है कि उन्होंने बिल्कुल सही समय पर बॉलीवुड में प्रवेश लिया है.

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कहते हैं कि बॉलीवुड में प्रवेश करने के लिए कमसिन उम्र सबसे मुफीद होती है, लेकिन ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ में प्रोफेसर अस्थाना और ‘थ्री इडियट’ में वायरस की भूमिका से सबका दिल जीतने वाले बोमन ईरानी का मानना है कि उन्होंने बिल्कुल सही समय पर बॉलीवुड में प्रवेश लिया है.

उल्लेखनीय है कि बोमन की आने वाली फिल्म ‘वैल डन अब्बा’ में वह पहली बार मुख्य किरदार के रूप में नजर आएंगे.

बोमन ने कहा, ‘‘बॉलीवुड में मेरा प्रवेश न तो बहुत जल्दी हुआ है और न ही बहुत देर से. मेरी टाइमिंग बिल्कुल सटीक थी. मुझे जिस प्रकार की फिल्में मिली, उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया. मेरे काम को लोगों ने सराहा जिससे मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं. यह बहुत अच्छा समय लगता है.’’

गौरतलब है कि बोमन एक थियेटर कलाकार हैं और उन्होंने 44 साल की उम्र में बॉलीवुड में प्रवेश किया. बोमन ने सबसे पहले 2001 में ‘एवरीबडी सेस आई एम फाइन’ में काम किया. लेकिन ‘मुन्नाभाई..’ ने उन्हें बॉलीवुड में विशिष्ट पहचान दिलाई.

उन्होंने कहा, ‘‘चीजें आज के दौर में बेहतर हैं क्योंकि अब सिनेमा में कई माध्यम मौजूद हैं और विभिन्न प्रकार की फिल्में भी बन रही हैं.’’ बोमन ने कहा, ‘‘वेडनसडे’, ‘वेल्कम टू सज्जनपुर’, ‘खोसला का घोसला’ जैसी फिल्मों ने प्रभाव डाला है. समानांतर सिनेमा में चरित्र अभिनेता अच्छा काम कर रहे हैं. इससे निर्माताओं को ऐसी फिल्में बनाने का हौसला मिलता है.’’

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