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ग्लोबल से 'देसी' हुआ नेटफ्लिक्स, कंटेंट में गिरावट, नहीं रहा ओरिजनल शोज का 'बाप'

नेटफ्लिक्स एक वक्त दर्शकों की पहली पसंद हुआ करता था. लेकिन अब कॉम्पिटिशन इतना बढ़ गया है कि इस प्लेटफॉर्म ने क्वांटिटी के चक्कर में क्वॉलिटी से समझौता कर लिया है.

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नेटफ्लिक्स के कंटेंट में आई गिरावट (Photo: Instagram @maisamayhoon/Social Media)
नेटफ्लिक्स के कंटेंट में आई गिरावट (Photo: Instagram @maisamayhoon/Social Media)

एक दौर था जब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नेटफ्लिक्स क्रांति लेकर आया था. जब अमेजन प्राइम, जी5, हॉटस्टार, सोनी लिव जैसे प्लेटफॉर्म अपनी साख बनाने की जद्दोजहद कर रहे थे. उस वक्त मार्केट में नेटफ्लिक्स ऑडिंयस की नंबर 1 पसंद था. अपने यूनीक और ग्लोबल स्पेशलाइज्ड कंटेंट की वजह से ये प्लेटफॉर्म वाहवाही लूट रहा था.

लेकिन आज सालों बाद नेटफ्लिक्स का कायाकल्प हो गया है. वो भी ऐसा कि नेटफ्लिक्स और दूसरे प्लेटफॉर्म में फर्क करना मुश्किल हो गया है. सभी के पास सिमिलर कंटेंट देखने को मिलता है. नेटफ्लिक्स अपनी 'यूनीक' पहचान को खो चुका है. ऐसा क्यों है इसके लिए उस दौर को करीब से समझना जरूरी है, जब नेटफ्लिक्स राज करता था...

नेटफ्लिक्स का वो दौर, जब कंटेंट था 'किंग'
नेटफ्लिक्स ने जबरदस्त ओरिजनल कंटेंट के जरिए इंडियन ऑडियंस के बीच अपनी धाक जमाई थी. 2013 से 2020 के बीच नेटफ्लिक्स पर ऐसी कई ओरिजनल सीरीज और फिल्में आईं जो ग्लोबल हाईलाइट रहे. इनमें हाउस ऑफ कार्ड्स, स्ट्रेंजर थिंग्स, नार्को, डार्क, माइंडहंटर जैसे शोज शामिल थे. 2018 में आए इंडियन शो सेक्रेड गेम्स को कौन भुला सकता है. ये वो दौर था जब बाकी प्लेटफॉर्म्स के पास इतना मजबूत ओरिजनल कंटेंट नहीं था. शोज की स्क्रिप्टिंग पर मेन फोकस रहता था. ऑडियंस के बीच बिंच वॉच करने का ट्रेंड हिट हुआ. नेटफ्लिक्स का एल्गोरिदम और पर्सनलाइजेशन यूजर्स फ्रेंडली था. नेटफ्लिक्स ऐसा प्लेटफॉर्म बना जो दुनियाभर के अपीलिंग कंटेंट को एक जगह लाया. मनी हाईएस्ट,स्क्विड गेम जैसे शो हिट रहे.

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क्यों नेटफ्लिक्स शोज का कम हुआ क्रेज?
लेकिन कहते हैं पीक के बाद डाउनफॉल भी आता है. नेटफ्लिक्स के साथ भी ऐसा हुआ, जब हर बड़ा स्टूडियो मार्केट में अपना ओटीटी प्लेटफॉर्म लाया. सबने ओरिजनल कंटेंट पर काम किया. नेटफ्लिक्स सेक्रेड गेम्स लाया तो प्राइम वीडियो मिर्जापुर जैसा शो लाया. धीरे-धीरे नेटफ्लिक्स ने कंटेंट बढ़ाने के चक्कर में क्वालिटी से समझौता किया. अपने प्लेटफॉर्म को ओरिजनल्स से हटाकर कमर्शियल करने पर ज्यादा ध्यान दिया.

इसका नतीजा ये हुआ कि नेटफ्लिक्स पर आज टीवी और कॉमेडी शोज की भरमार देखने को मिल रही है. क्वालिटी से ज्यादा वॉल्यूम पर फोकस शिफ्ट हो गया. एल्गोरिदम ड्रिवन कंटेंट देने के चक्कर में रिस्क लेना कम हो गया है. सेफ कंटेंट ज्यादा देखने को मिलता है. एक जैसे शोज और कहानियों को देखकर दर्शक ऊब गए हैं. कई शो तो सिर्फ एल्गोरिदम और ट्रेंड्स के चक्कर में बनाए गए हैं.

नेटफ्लिक्स को लेकर लोगों की ये भी शिकायत है कि शोज के सीजन्स को लॉन्ग रन में नहीं बनाया जाता. कई हिट सीरीज 1-2 सीजन्स के बाद बंद हुई हैं. इससे दर्शकों का भरोसा कम हुआ है. मार्केट में लोकल प्लेटफॉर्म के बढ़ने का भी असर हुआ है. आजकल ये प्लेटफॉर्म टीवी और कॉमेडी शोज को अपने साथ जोड़ने में बिजी है.

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क्राइम पेट्रोल, सीआईडी, द ग्रेट कपिल शर्मा शो के बाद अब समय रैना का शो इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 भी नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा. अपने प्लेटफॉर्म और कंटेंट के मास रीच के लिए नेटफ्लिक्स हर उम्र के लोगों को कैटर कर रहा है. इसमें जेन जी से लेकर मिडिल ऐज और सीनियर ऑडियंस शामिल हैं. तभी तो हर महीने दर्जनों फिल्में, सीरीज, डॉक्यूमेंट्री और रियलिटी शोज आते हैं. लेकिन इनमें से स्टैंडआउट करने वाले 1-2 प्रोजेक्ट होते हैं. 

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