बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने बुधवार को NEET पेपर लीक मामले में सड़कों पर उतरों छात्रों के समर्थन में पोस्ट लिखा था. दबंग खान ने पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताया था. प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के प्रति सहानुभूति जताई. सलमान की पोस्ट जैसे ही वायरल हुई, इंटरनेट पर उनका एक वीडियो ट्रेंड होने लगा, जिसमें सलमान ने स्कूल के दिनों में पेपर लीक होने का जिक्र किया था.
सलमान ने पेपर में की चीटिंग?
दबंग खान के पिता सलीम खान ने 2020 में द कपिल शर्मा शो में इससे जुड़ा एक किस्सा सुनाया था. शो में सलमान के अलावा उनके दोनों भाई अरबाज खान और सोहेल खान भी मौजूद थे. सलीम खान ने बताया था कैसे उनके घर में गणेश नाम का एक शख्स आता था. उसे घर में उनसे ज्यादा इज्जत मिलती थी. गणेश की खातिरदारी देखकर वो हैरान थे.
सलीम खान ने खान ब्रदर्स का सीक्रेट खोलते हुए कहा- हमारे घर पर एक आदमी आता था. मैं काफी काम में बिजी रहता था. मैं कभी शाम को आ जाऊं तो कहते थे- गणेश आया है, गणेश को चाय पिलाओ, अरे, गणेश के लिए कुर्सी लाओ. मैं सोचता था कि ये गणेश कौन है, जिसे इस घर में मुझसे ज्यादा इज्जत मिल रही है. मैंने सोचा ये पता लगाना ही पड़ेगा. बाद में पता लगा कि जो एग्जाम का पेपर लीक होता था, वो बंदा इन्हें वो पेपर लाकर देता था.
जिस दौरान सलीम खान ये खुलासा कर रहे थे. सलमान चुपचाप बैठकर हंस रहे थे. सोहेल और अरबाज की भी हंसी नहीं रुक रही थी. सोहेल ने हंसते हुए कहा- सब पोल खुल रही है आज. इसपर तुरंत रिएक्ट करते हुए कपिल शर्मा बोले- सोहेल भाई बड़े शरारती थे आप. तब हंसते हुए सलमान ने बताया कि वो पेपर लीक उनके लिए था.
सलमान का ये वीडियो देखने के बाद इंटरनेट यूजर्स के मिले-जुले रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं. कईयों ने सलमान को शरारती बताया. कईयों का मानना है ये हिपोक्रेसी है. चीटिंग करना बुरी चीज है. दूसरे ने कहा- सेलेब्स और उनकी हिपोक्रेसी. एक यूजर ने सवाल उठाते हुए कहा- इंडिया कॉमेडी कंट्री है. यहां आप पेपर लीक भी कर सकते हो और इस पर जोक भी बना सकते हो.
NEET प्रोटेस्ट क्या बोले सलमान?
सलमान खान ने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के हिंसक होने पर दुख जताया. उन्होंने लिखा- पेपर लीक गंभीर मुद्दा है. खुशी है जिस तरह से हमारे देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए साथ आए हैं. मैं उनके इस कदम की सराहना करता हूं. ये आंदोलन या विरोध प्रदर्शन ही सही तरीका है, और छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण ढंग से किया है. वे बहुत बहादुर हैं. ये मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है; इसे राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए. इसका श्रेय केवल छात्रों को ही मिलना चाहिए. मुझे भरोसा है कि सरकार छात्रों को सपोर्ट करेगी. ताकि शिक्षा व्यवस्था मजबूत बन सके.