पीयूष मिश्रा और नसीरुद्दीन शाह कहने को तो बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार हैं, लेकिन दोनों की विचारधारा में जमीन-आसमान का अंतर है. दोनों अक्सर एक-दूसरे के बयानों की खुलकर आलोचना करते हैं. अब पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मुंबई विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने पर आड़े हाथों लिया है.
क्या बोले पीयूष मिश्रा?
CJP ने हाल ही में चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन किया. प्रोटेस्ट में कई बॉलीवुड सितारे CJP को सपोर्ट करते नजर आए, जिसका नसीरुद्दीन शाह भी हिस्सा बने.
नसीरुद्दीन शाह ने CJP फाउंडर अभिजीत दिपके को गले लगाया था. ऐसे में पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह पर गुस्सा निकालते हुए कहा कि उन्हें देश के सच्चे हीरो पायलट स्मित मछार की तारीफ करनी चाहिए, जिन्होंने अपनी जान खतरे में डालकर यात्रियों की जान बचाई है.
पीयूष मिश्रा तीखे अंदाज में कहते दिखे- नसीर साहब, मैं पीयूष मिश्रा हूं. मैं आपका पुराना जानकार हूं. आप अभिजीत दिपके से मिले बड़ा अच्छा लगा. अभी सर एक हादसा होते-होते टला है, दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट 1073...इसमें पायलट स्मित मच्छार ने कमाल किया है. उन्होंने करीब 180 लोगों की जान बचाई. उसपर भी जरा कमेंट कीजिए, उन्हें बधाई दीजिए अच्छा लगेगा.
'इसके अलावा लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी को एक मैसेज भेजिए, क्योंकि वहां भी बच्चे पढ़ते हैं. वहां बड़ा हादसा हुआ है. घमासान हुआ है. लड़कियों के बाल पकड़कर तोड़ा गया है.'
पीयूष मिश्रा ने आगे तंज कसते हुए कहा- आप तो कह रहे थे कि जितना नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) और FTII में नहीं सिखाया गया है, उतना मुझे बच्चों ने सिखाया है. बच्चे कब से एक्टिंग टीचर हो गए... ये मुझे समझ नहीं आया. बाद में इसका खुलासा कर दीजिएगा, लेकिन वहां पर भी इतना ही खतरनाक हादसा हुआ है. वहां भी बच्चों को संवेदना दे दीजिए, मैसेज भेजिए उनके लिए.
पीयूष मिश्रा ने आगे पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा- तीसरा ये है कि मैंने झारखंड के लिए आपसे मदद मांगी थी, तो आपने मुझे पाकिस्तानी शायरा की नज्म भेज दी थी. माफ कीजिएगा, क्योंकि शायरा की नज्म नहीं चाहिए थी. वहां पर दाल, आटा, रोटी, गुड़, लिट्टी-चोखा चाहिए था. पाकिस्तानी शायरा की और अफगानिस्तानी शायरा की नज्मों की जरूरत ही नहीं थी. अब आप जब भी कोई बयान देंगे, तो आपको पीयूष मिश्रा का जवाब मिलेगा. इंकलाब जिंदाबाद.
पीयूष मिश्रा ने जिस तरह तीखे अंदाज में नसीरुद्दीन शाह पर सवाल उठाए हैं, उनके इस अंदाज ने कईयों को हैरान किया है. कई लोग पीयूष मिश्रा के सपोर्ट में आगे आ रहे हैं. वैसे आप इस पूरे मामले में किसे सपोर्ट कर रहे हैं?