कंगना रनौत का मामला अब हाथ से निकल गया है. कम से कम फिल्म क्रिटिक से Dharma Collab Artists Agency (DCAA) के COO बने राजीव मसंद की राय तो कुछ ऐसी ही है. राजीव का कहना है कि उन्हें कंगना बतौर एक्ट्रेस बेहद पसंद हैं, लेकिन अब उनके अंदर की शख्सियत ने एक्ट्रेस को पीछे छोड़ दिया है. खासकर राजनीति में एंट्री के बाद तो कंगना का पूरा फोकस ही बदल गया है.
कंगना कुछ साल पहले हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव जीतकर सांसद बनी थीं.
‘कंगना मजाक बनकर रह गई हैं’
राजीव मसंद ने हाल ही में कंगना को लेकर कहा- मुझे एक्ट्रेस कंगना की याद आती है. अब तो वो बस एक मजाक बनकर रह गई हैं.
कंगना का यह कहना कि बॉलीवुड के बड़े लोगों ने उन्हें मौके नहीं दिए, इस पर भी राजीव ने अपनी असहमति जताई. उन्होंने कहा- मुझे नहीं पता. यह बस एक शानदार कहानी है, जिसे बार-बार दोहराते रहना आसान है. लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता. चलिए, सच का सामना करते हैं- बॉलीवुड सफलता की इज्जत करता है. बहुत से लोगों के लिए शुरुआत में चीजें मुश्किल रही हैं, लेकिन एक बार जब आप सफल हो जाते हैं तो ऐसा नहीं होता.
राजीव ने अपनी बातों से साफ किया कि इंडस्ट्री में उगते सूरज को सलाम किया जाता है. जो सफल हो रहा है उसके साथ हर कोई काम करना चाहता है, और मौके देता है.
‘क्वीन’ में कंगना की एक्टिंग के कायल हैं राजीव
राजीव ने विकास बहल की 2014 में आई फिल्म ‘क्वीन’ में कंगना की शानदार परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ की. उन्होंने फिल्म को एक बेहतरीन कमिंग-ऑफ-एज फिल्म बताते हुए कंगना की एक्टिंग को ‘अमेजिंग’ कहा. राजीव ने यह भी माना कि वह ‘क्वीन 2’ में कंगना और विकास बहल की जोड़ी को दोबारा देखने के लिए एक्साइटेड हैं.
उन्होंने कहा- जब भी उन्होंने कोई फिल्म इसलिए की, क्योंकि वह एक शानदार फिल्म थी, तो वह उसमें बेहतरीन थीं. लेकिन उसके बाद से ऐसा थोड़ा लगने लगा है कि सब कुछ कंगना शो के बारे में है.
साइरस सेज पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान राजीव ने कंगना को एक बेहतरीन एक्ट्रेस बताया और कहा कि उन्हें उस कंगना को देखने की कमी महसूस होती है, जो अपने किरदार में पूरी तरह ढल जाया करती थीं. राजीव के मुताबिक- आपको एक्ट्रेस का कोई निशान तक नजर नहीं आता था. वह खुद वही किरदार बन जाती थीं.
हालांकि, राजीव ने यह भी कहा कि उन्होंने कंगना से उम्मीद नहीं छोड़ी है. उन्हें लगता है कि कंगना भविष्य में अपनी खोई हुई चमक वापस हासिल कर सकती हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या कंगना को अपनी मौजूदा स्थिति से बाहर निकलने के लिए पहले राजनीति छोड़ देनी चाहिए, तो उन्होंने सहमति जताते हुए कहा- कौन जानता है? राजीव ने कंगना की तुलना आलिया भट्ट से भी की और दोनों को हिंदी सिनेमा की बेहतरीन एक्ट्रेसज में शुमार किया.
कंगना, राखी सावंत और सुनीता आहूजा को बताया ‘बेबाक और मजेदार’
राजीव मसंद ने यह भी कहा कि कंगना जैसी हस्तियों की वजह से ही टैब्लॉयड्स यानी फिल्मी गॉसिप और सितारों की खबरें छापने वाले अखबार आज तक जिंदा हैं. उन्होंने कंगना रनौत, रियलिटी टीवी स्टार राखी सावंत और एक्टर गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा को ऐसी हस्तियां बताया, जो बिना लाग-लपेट अपनी बात रखती हैं.
राजीव ने कहा कि ये सभी “जोरदार तरीके से अपनी बात रखने वाली, बेबाक और मजेदार” शख्सियतें हैं और “पुराने दौर की परंपरा को अब भी जिंदा रखे हुए हैं.''
क्यों छिड़ी थी कंगना और राजीव मसंद के बीच जंग?
कंगना और राजीव मसंद के बीच विवाद काफी पुराना है. इसकी शुरुआत तब हुई थी, जब कंगना ने राजीव पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी चर्चित सालाना एक्ट्रेसेस राउंडटेबल चर्चा में उन्हें न्योता नहीं दिया. कंगना का दावा था कि राजीव की पत्रकारिता में पक्षपात झलकता है. उन्होंने इसकी वजह फिल्ममेकर करण जौहर से राजीव की नजदीकियों को बताया था.
कंगना का आरोप था कि करण जौहर की पसंदीदा एक्ट्रेसेज में ज्यादातर स्टार किड्स शामिल हैं, जबकि उनके जैसी आउटसाइडर्स को बराबर मौके नहीं मिलते. साल 2018 में कंगना ने करण जौहर को खुलेआम ‘नेपोटिज्म का झंडाबरदार’ तक कह दिया था.
करण जौहर की कंपनी से जुड़े राजीव तो कंगना ने फिर उठाए सवाल
करीब पांच साल पहले जब राजीव मसंद, करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस की टैलेंट मैनेजमेंट विंग Dharma Collab Artists Agency (DCAA) से जुड़े, तो कंगना ने इसे अपने पुराने आरोपों की पुष्टि बताया. कंगना ने राजीव पर उनके और दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत जैसे कलाकारों के खिलाफ ब्लाइंड आइटम्स लिखने का आरोप भी लगाया था.