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'हनुमान अंश' ने दी टेंशन, बैग पैक कर इंडस्ट्री छोड़ने वाली थीं अनुप्रिया नागर, बाबा बागेश्वर धाम ने किया चमत्कार

फिल्म हनुमान अंश को शुरुआत में कम शो मिलने और फ्लॉप कहे जाने के बावजूद प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने हार नहीं मानी. उन्होंने शहर-शहर जाकर फिल्म का प्रचार किया. वो बाबा बागेश्वर धाम से भी मिलीं.

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धीरेंद्र शास्त्री से मिली अनुप्रिया नागर (Photo: Instagram @anupriyanagar2709)
धीरेंद्र शास्त्री से मिली अनुप्रिया नागर (Photo: Instagram @anupriyanagar2709)

फिल्म हनुमान अंश पर करोड़ों बरस रहे हैं. किसी ने नहीं सोचा था कि 2 करोड़ के बजट में बनी मूवी 350 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस करेगी. फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया कैसे एक वक्त उनकी फिल्म को ठुकराया गया था. आज जब उनकी ये मूवी करोड़ों में कमा रही है, हर कोई इसकी सक्सेस पर बात करना चाहता है. 

अनुप्रिया ने नहीं मानी हार
शुरुआती हफ्तों में हनुमान अंश को कम शोज मिले थे. उनकी ये फिल्म फ्लॉप कही जा रही थी. लेकिन ऐसे वक्त में वो हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठीं. अनुप्रिया ने शहर-शहर जाकर लोगों से मिलने और फिल्म का प्रचार करने का फैसला किया. वो कई धर्म गुरुओं से मिलीं. इनमें सबसे पहले थे बाबा बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री.

अनुप्रिया के मुताबिक, जब उनके सारे रास्ते बंद हो गए थे. हनुमान अंश थियेटर्स से हटने की कगार पर थी, ऐसे वक्त बाबा बागेश्वर धाम ने उन्हें आशीर्वाद दिया. महज 2 दिन बाद उनकी ये फिल्म दौड़ गई.

जब थियेटर से हटने वाली थी हनुमान अंश
सिद्धार्थ कनन संग बातचीत में अनुप्रिया ने कहा- जब फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल रही थी, मेरा दिल टूट गया था. बात पैसों या बिजनेस की नहीं थी. ये देखकर दुख हो रहा था कि लोग फिल्म नहीं देख रहे हैं. मैं सोच रही थी क्यों महाराज जी के भक्त ये फिल्म नहीं देख रहे. वो वक्त मुश्किल था. लेकिन मैं घर बैठकर बॉक्स ऑफिस के हालात बद्दतर होते हुए नहीं देख सकती थी. मैंने इसमें अपनी मेहनत की कमाई लगाई थी.

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''मैंने फिल्म का प्रमोशन अपने हाथ में लेने का फैसला किया. मैं दिल्ली गई. वहां बड़े नेताओं और महाराज जी के भक्तों से मिली. मैंने कुछ पॉडकास्ट भी किए.''

''फिर रिलीज के 8वें दिन टीम ने बताया कि फिल्म के शो 300 से घटकर बस 30 हो गए हैं. क्योंकि 2 और फिल्में आ रही हैं. हमें ये भी बता दिया था कि मूवी कल को थियेटर से बाहर भी हो सकती है. टीम के लोगों को लगा कि अब सब खत्म हो गया है. उनका फोकस ओटीटी की अच्छी डील पर था. मैं भी हताश हो गई थी. मैंने Zurich वापस जाने की प्लानिंग कर ली थी. मुझे लगा अपने बैग पैक करूं और वापस लौट जाऊं. मुझे लगा ये इंडस्ट्री मेरे लिए नहीं है. मैं ऐसे स्टेज पर पहुंच गई थी जहां मैं इंडस्ट्री को छोड़ने का विचार कर रही थी.''

धीरेंद्र शास्त्री से मिलकर हुआ चमत्कार
अनुप्रिया ने बताया कि उन्हें कहा गया था अब तो कोई चमत्कार ही इस फिल्म को बचा सकता है. वो उस चमत्कार को ढूंढ़ने निकल गईं. उन्हें घबराहट हो रही थी. इसलिए उन्हें किसी संत के पास जाकर उनका आशीर्वाद लेना था. वो बाबा बागेश्वर धाम गईं. धीरेंद्र शास्त्री से मिलीं. बाबा ने मुझसे पूछा- बहन कितने स्क्रीन्स पर तुम्हारी फिल्म चल रही है. जबकि अनुप्रिया ने उन्हें कुछ बताया तक नहीं था. बाबा ने कहा- तुमने अच्छा काम किया है.. तुम्हारे साथ भी सब अच्छा होगा. चिंता करने की जरूरत नहीं है.

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फिर हुआ चमत्कार. अगले 2 दिन बाद उनकी फिल्म में 22 प्रतिशत की ग्रोथ हुई. इसे अनुप्रिया नीम करोली बाबा का चमत्कार मानती हैं. उन्होंने बाबा बागेश्वर धाम का भी शुक्रिया अदा किया. 

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