धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) का पूरा नाम धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री है. वह मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले (Chhatarpur, MP) के बागेश्वर धाम सरकार के मुख्य पुजारी है, जो बागेश्वर धाम महाराज के नाम से फेमस हैं. वह सभाओं में धार्मिक कथाएं सुनाते हैं.
उनका जन्म 4 जुलाई 1996 को मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुआ था (Dhirendra Shastri Born). धीरेंद्र शास्त्री सामान्य गरीब परिवार से आते हैं. उनकी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई है.
धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास का विरोध करने वाले एक समूह ने महाराष्ट्र की एक सभा में अपनी चमत्कारी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए कहा. कहा जाता है कि वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. धीरेंद्र शास्त्री पर नागपुर की अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव ने उन्हें दिव्य दरबार में चुनौती दी और उनकी आध्यात्मिक शक्तियों पर सवाल उठाया, मानव ने शास्त्री पर अंध विश्वास को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया है. जब मीडिया में विवाद शुरू हुआ, तो शास्त्री ने मानव को अपने दिव्य दरबार में आमंत्रित किया और पूछा कि वह क्या जानना चाहता है. स्वामी रामदेव, सद्गुरु जग्गी वासुदेव, रामभद्राचार्य, साध्वी प्राची, प्रज्ञा ठाकुर और राजनेता गिरिराज सिंह जैसे कई प्रमुख हिंदू धार्मिक नेता उनके समर्थन में आए (Dhirendra Shastri Controversy).
उन्हें छत्तीसगढ़ में लगभग 300 ईसाइयों को हिन्दू बनाने के लिए जाना जाता है. 20 जनवरी 2023 को लगभग 5,00,000 लोग उनके दिव्य दरबार में आए थे. 22 जनवरी 2023 को कई हिंदू संगठनों ने बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख पुजारी शास्त्री के समर्थन में नई दिल्ली में जंतर मंतर पर भी विरोध प्रदर्शन किया.
भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, 'तु्म्हारे ठाकुर जी हर फोटो में इधर-उधर देखते नजर आते हैं. खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े. पांव के ऊपर पांव. कमर कहीं लचकाएं. फिर टेढ़ी गर्दन करके बंसी बजाते हैं. '
करवा चौथ पर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में करवा चौथ को ‘खसम पूजन दिवस’ बताते हुए पति-पत्नी के रिश्ते पर चुटकी ली।
करवा चौथ पर महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं. दिनभर भूखी-प्यासी रहती हैं और रात को चांद देखने के बाद व्रत खोलती हैं. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस त्योहार को लेकर ऐसी बात कही कि उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मध्य प्रदेश के शिवपुरी में कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ को 'खसम पूजन दिवस' कह दिया.
धीरेंद्र शास्त्री ने बुंदेलखंड क्षेत्र में विचार परिवर्तन, नशा मुक्ति और सनातन धर्म के उत्थान के लिए एक विशेष पदयात्रा का आयोजन किया. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज से छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों को समाप्त करना है. जब समाज का विचार बदलता है, तो पूरे समाज और राष्ट्र में सकारात्मक बदलाव आता है. इतिहास में भी आदि गुरु शंकराचार्य, भगवान श्री राम और महात्मा गांधी ने समाज को सही दिशा देने के लिए ऐतिहासिक यात्राएं की थीं.
बागेश्वर धाम में 500 किलोमीटर लंबी सनातन हिंदू एकता यात्रा का समापन हो गया. यात्रा बुंदेलखंड के पांच जिलों से गुजरी. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि इसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाने का संदेश देना था. उन्होंने कहा कि महिलाएं बुर्के के पीछे छिपकर न रहें, बल्कि दुर्गा या काली की तरह मजबूत बनें और IPS या IAS अधिकारी भी बन सकती हैं.
CJP आंदोलन पर हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने Gen-Z को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि Gen-Z देश को तोड़ने वाला नहीं, बल्कि जोड़ने वाला होना चाहिए. हिंदू राष्ट्र को रामराज और सबका साथ-सबका विकास बताते हुए उन्होंने राष्ट्रवाद, एकता और भारत के विभाजन पर भी अपनी बात रखी.
धीरेंद्र शास्त्र ने मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'लुधियाना वालों! हम तो आज जा रहे हैं. हम तुम्हें क्या देकर जाएं? आप लोग तो वैसे ही ज्ञानी हो. लेकिन आज एक बात हम हाथ जोड़कर कहना चाहते हैं. इस दुनिया पर भरोसा मत करना. यह जगत बड़ा अजीब है. यहां मुर्दों को उठाया जाता है और जिंदा को गिराया जाता है.'
फिल्म हनुमान अंश को शुरुआत में कम शो मिलने और फ्लॉप कहे जाने के बावजूद प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने हार नहीं मानी. उन्होंने शहर-शहर जाकर फिल्म का प्रचार किया. वो बाबा बागेश्वर धाम से भी मिलीं.
फिल्म हनुमान अंश की रिकॉर्डब्रेकिंग कमाई ने इंडस्ट्री को हैरान किया है. नीम करोली बाबा की जिंदगी पर बेस्ड ये मूवी लोगों के दिलों में बस गई है. फिल्म की 3 प्रोड्यूसर्स में से एक अनुप्रिया नागर ने हाल ही में बाबा बागेश्वर धाम यानी धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात की. इंस्टा पर उन्होंने फोटोज शेयर की है.
अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री पारंपरिक अंदाज में पहुंचे. भगवा कुर्ता, सफेद धोती, मरून शॉल के साथ उन्होंने गोल्डन खड़ाऊ और चांदी के कड़े पहने थे. पैरों में लगा आलता भी चर्चा में रहा. उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लुक सुर्खियों में है. वीडियो में जानें सोशल मीडिया पर यूज़र्स क्या कर रहे कमेंट.
मुकेश अंबानी के एंटीलिया में आयोजित गणपति उत्सव में कथावाचक जया किशोरी और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे. धीरेंद्र शास्त्री की नक्काशीदार 'सोने की खड़ाऊ' और जया किशोरी के लुक की चर्चा खूब हो रही है. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
बाबा रामदेव, जया किशारी के अलावा बागेश्वर धाम के पर्ची वाले बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने भी अंबानी के गणेश उत्सव में अपनी हाजिरी लगाई.
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने देश विरोधी नारे लगाने वालों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के साथ वो महात्मा गांधी की नहीं, बल्कि सुभाष चंद्र बोस की आक्रामक भाषा में जवाब देंगे.
धीरेंद्र शास्त्री के 'मांसाहारी खाने' वाले बयान को लेकर पश्चिम बंगाल कांग्रेस कांग्रेस ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने उनके बयान को आपत्तिजनक बताया है.
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बंगाल की सियासत गरमा गई है. पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस मामले पर कहा है कि बाहर के लोग बंगाल की परंपराओं को नहीं समझ सकते.
Baba Bageshwar: बाबा बागेश्वर लाल रंग का कुर्ता पहनकर आज तक के स्टूडियो आए थे, जिस पर हनुमान जी की एक सुंदर प्रतिमा छपी हुई थी. जब उनसे पूछा गया कि उनका कुर्ता डिजाइन कौन करता है तो इस पर बाबा बागेश्वर बोले, 'हमारे कुर्ते का कोई फिक्स डिजाइन नहीं है. जो भी श्रद्धा से देकर जाता है, हम पहन लेते हैं.'
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री के दुर्गा पूजा में मांसाहारी भोजन छोड़ने वाले बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बाहरी व्यक्ति बंगालियों के खान-पान और परंपराएं तय नहीं कर सकता।
बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर बहस छिड़ गई है. विश्व हिंदू परिषद और धीरेंद्र शास्त्री ने नॉनवेज से परहेज की सलाह दी, जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बंगाल की पारंपरिक खान-पान संस्कृति का समर्थन करते हुए लोगों की भोजन पसंद की स्वतंत्रता पर जोर दिया.
पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री के 'बंगालियों को दुर्गा पूजा में मांसाहारी न खाने की अपील' पर प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि कोई बाहरी यह तय नहीं करेगा कि बंगाली क्या खाएं या क्या पहनें.
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने हावड़ा में हनुमान कथा के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों के पीछे नॉन-वेज खाना बनाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने नवरात्रि के दौरान ऐसे लोगों का बहिष्कार करने की अपील की। शास्त्री ने कहा कि धार्मिक होने का दावा करने वालों को पंडालों के पीछे ऐसा भोजन नहीं बनाना चाहिए और इसे पाखंड बताया।
स्वरा भास्कर के जौहर बयान पर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. एक्ट्रेस के बयान पर अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आपत्ति जताई है और स्वरा पर अपना गुस्सा निकाला है.