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नीम करोली बाबा का भक्त ग्रैमी विनर अमेरिकी सिंगर! रॉक बैंड छोड़ बना दास, 'हनुमान अंश' में गाए मंत्र-भजन

Hanuman Ansh में अमेरिकी सिंगर कृष्ण दास का खास कनेक्शन है. कभी रॉक म्यूजिक से जुड़े कृष्ण दास नीम करोली बाबा के भक्त बने और अब फिल्म में उनके भजन सुनाई दे रहे हैं.

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ग्रैमी नॉमिनेटेड कृष्ण दास (Photo: ITGD)
ग्रैमी नॉमिनेटेड कृष्ण दास (Photo: ITGD)

‘हनुमान अंश’ की कहानी जितनी आध्यात्मिक है, उससे जुड़े किस्से भी उतने ही दिलचस्प हैं. महज 2 करोड़ रुपये में बनी यह फिल्म पहले बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आई, यहां तक कि 8वें दिन इसे फ्लॉप तक कहा जाने लगा था. लेकिन इसके बाद कहानी ने ऐसा पलटा खाया कि फिल्म की कमाई देखकर हर कोई हैरान है. 35 दिनों में फिल्म 153.13 करोड़ का कारोबार कर चुकी है.

लेकिन इस वक्त फिल्म की कमाई से ज्यादा जिस शख्स की चर्चा हो रही है, वो हैं अमेरिका के मशहूर सिंगर जेफरी कैगल, जिन्हें दुनिया कृष्ण दास के नाम से जानती है. खास बात ये है कि कृष्ण दास कोई आम सिंगर नहीं हैं. वह ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हो चुके हैं और उनकी जिंदगी का नीम करोली बाबा से बेहद खास आध्यात्मिक रिश्ता रहा है.

कभी रॉक बैंड का हिस्सा थे, फिर बन गए महाराज जी के भक्त

कृष्ण दास की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. 1960 के दशक के आखिर में वह अमेरिका में रॉक म्यूजिक की दुनिया से जुड़े हुए थे. उस दौर में वह एक रॉक बैंड से भी जुड़े, लेकिन बैंड का नाम तय होने से पहले ही उन्होंने उसे छोड़ दिया. इसके कुछ ही साल बाद उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी.

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अगस्त 1970 में जेफरी कैगल भारत पहुंचे और यहां उनकी मुलाकात आध्यात्मिक दुनिया से हुई. वह नीम करोली बाबा यानी महाराज जी के भक्त बन गए. यहीं से उनका जीवन, संगीत और पहचान पूरी तरह बदल गई और लोग उन्हें कृष्ण दास के नाम से जानने लगे. जिस शख्स का सफर अमेरिका के रॉक म्यूजिक से शुरू हुआ था, वह आगे चलकर हिंदू भक्ति संगीत और कीर्तन की दुनिया का बड़ा नाम बन गया.

ग्रैमी तक पहुंची कृष्ण दास की आवाज

कृष्ण दास ने 1996 से अब तक कई एल्बम जारी किए हैं और दुनियाभर में अपने भक्ति संगीत और कीर्तन के लिए पहचाने जाते हैं. उनके एल्बम ‘लाइव आनंद’ को 2013 के ग्रैमी अवॉर्ड्स में बेस्ट न्यू एज एल्बम कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था.

अब सोचिए, जिस फिल्म में नीम करोली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा दिखाई जा रही है, उसी फिल्म के संगीत में उनकी भक्ति से जुड़े एक ऐसे कलाकार की आवाज शामिल है, जो खुद महाराज जी का भक्त रहा है. यही कनेक्शन ‘हनुमान अंश’ को और खास बना देता है.

'ओम नमः शिवाय' और 'सीता राम' ने फिल्म में डाल दी जान

फिल्म की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया ने कृष्ण दास के साथ काम करने के अनुभव को बेहद खास बताया है. उनके मुताबिक, कृष्ण दास ने फिल्म के लिए अपने दो वर्जन दिए- ‘ओम नमः शिवाय’ और ‘सीता राम’. खास बात ये है कि फिल्म के शुरुआती सीन में जब पहली बार महाराज जी को दिखाया जाता है, तब कृष्ण दास का मंत्र सुनाई देता है.

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अनुप्रिया ने बताया कि उन्होंने उस सीन को मंत्र के बिना भी देखा और फिर मंत्र के साथ देखा. उनके मुताबिक, दोनों अनुभवों में जमीन-आसमान का फर्क था और मंत्र के साथ सीन देखते हुए उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं. उनका मानना है कि महाराज जी अपने भक्तों से किसी न किसी माध्यम के जरिए जुड़ते हैं और कृष्ण दास का फिल्म का हिस्सा बनना भी उसी कड़ी का एक हिस्सा है.

रॉकस्टार से कृष्ण दास तक... कहानी ही किसी फिल्म से कम नहीं

कृष्ण दास की सबसे दिलचस्प बात यही है कि उनका सफर किसी एक जॉनर तक सीमित नहीं रहा. एक तरफ अमेरिका का रॉक म्यूजिक, दूसरी तरफ भारत की आध्यात्मिक दुनिया और फिर कीर्तन और भक्ति संगीत. और अब उसी शख्स की आवाज नीम करोली बाबा की कहानी पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ में सुनाई दे रही है.

फिल्म में शोभिनव सत्य, विहान शेडगे, चंदन के. आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रस्तोगी, गुलशन पांडेय और भगवानदास जैसे कलाकार नजर आते हैं. फिल्म का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है.

क्या है 'हनुमान अंश' की कहानी?

फिल्म की कहानी लक्ष्मीनारायण नाम के एक युवा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मां के निधन के बाद जिंदगी और ईश्वर के सवालों के जवाब खोजने निकल पड़ता है. उसकी यह आध्यात्मिक यात्रा उसे उत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाती है और आखिरकार वह पूजनीय संत नीम करोली बाबा के रूप में सामने आता है. फिल्म में उनके प्रेम, सेवा और करुणा की शिक्षाओं को दिखाने की कोशिश की गई है.

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और शायद यही वजह है कि शुरुआत में धीमी चाल चलने वाली यह फिल्म बाद में दर्शकों के बीच ऐसी चली कि बॉक्स ऑफिस का पूरा खेल ही बदल गया.

लेकिन ‘हनुमान अंश’ की सबसे दिलचस्प कहानी सिर्फ इसकी कमाई नहीं है. असली ट्विस्ट तो ये है कि नीम करोली बाबा की भक्ति में डूबा एक अमेरिकी रॉक सिंगर, जो कभी ग्रैमी के लिए नॉमिनेट हुआ था, आज इसी कहानी की आवाज बन गया है.

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