आदित्य धर जबसे 'धुरंधर' लेकर आए हैं, तबसे फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा उसी के बारे में बात करते नजर आ रहे हैं. वो डायरेक्टर से काफी इंप्रेस हुए हैं. राम गोपाल 'धुरंधर' की तारीफ करते नहीं थक रहे. वो बार-बार कह रहे हैं कि 'धुरंधर' से इंडियन सिनेमा में बदलाव आएगा.
राम गोपाल वर्मा वो पहले फिल्ममेकर थे, जिन्होंने 'धुरंधर द रिवेंज' का रिव्यू सोशल मीडिया पर शेयर किया था. उनके मुताबिक, ये फिल्म 'शोले' से कई गुना बेहतर थी. अब चूंकि फिल्म को कई लोग देख चुके हैं, तो उनके रिएक्शन्स भी सामने आ रहे हैं. जहां आधे से ज्यादा लोगों को ये फिल्म शानदार लगी, तो बाकी बचे हुए ने इसे प्रोपेगेंडा का नाम दिया.
प्रोपेगेंडा कहने वालों को राम गोपाल वर्मा ने क्या कहा?
'धुरंधर द रिवेंज' में मोदी सरकार से लेकर नोटबंदी और आतंकवाद को लेकर कई सारी घटनाओं का जिक्र है, जिसपर कई लोग खफा है. उसे जिस तरीके से दर्शाया गया है, उसे प्रोपेगेंडा कहा जा रहा है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस जारी है. अब राम गोपाल वर्मा ने 'धुरंधर 2' को प्रोपेगेंडा कहने पर रिएक्ट किया है.
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान फिल्ममेकर ने कहा, 'देखिए, प्रोपेगेंडा का मतलब मैं नहीं समझता हूं. हर एक इंसान का अपना नजरिया होता है. अगर किसी पर आरोप लगता है, तो सामने जो डिफेंस में है वो अपना पक्ष रखने की भी कोशिश करेगा. सब लोग अपनी-अपनी बात सामने रखेंगे. आदित्य ने फिल्म के जरिए अपनी बात रखी है. अगर उसमें आप सहमत नहीं हो, प्रोपेगेंडा या झूठ समझते हो तो आप भी उसके खिलाफ फिल्म बनाओ ना.'
आदित्य धर के मुरीद हुए राम गोपाल वर्मा
इसी बातचीत में राम गोपाल वर्मा ने आदित्य धर को शुक्रिया कहा. उनका कहना है कि आदित्य ने धुरंधर से इंडियन सिनेमा को नया रास्ता दिखा दिया है. फिल्ममेकर ने ये भी कहा कि धुरंधर को सिर्फ फिल्म कहना, गलत होता. राम गोपाल वर्मा ने कहा, 'पिछले 20-30 सालों में ऐसी कोई फिल्म नहीं आई. इसका स्केल, ट्विस्ट और कहानी के ट्विस्ट पर ज्यादा भरोसा किए बिना भी सिर्फ इसकी बनावट ही कमाल की है. आदित्य ने इस बनावट को पूरी तरह बदल दिया है, खासकर क्लाइमैक्स को. इसे क्या कहें? आइटम सॉन्ग्स भी हैं, जो थोड़े अन-रियल हैं, ग्रैविटी को चैलेंज करने वाली फाइट सीन भी हैं, लेकिन सब कुछ इतने बढ़िया तरीके से पैक किया है कि पूरा पैकेज बहुत बड़ा और मस्त लगता है.'
'फिल्म का असर ऐसा है कि इसकी क्वालिटी, अच्छाई और प्रभाव ने इसे बहुत बड़ी सुपरहिट बना दिया है. मुझे लगता है कि धुरंधर 2 ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. इसके बाद वो पुराने वाले स्टीरियोटाइप खत्म हो सकते हैं- जैसे हीरो को ऊपर उठाने वाले सीन, जहां मुक्का मारने से लोग हवा में उड़ जाते हैं या जमीन पर उछलकर गिरते हैं, ऐसे फिल्में शायद अब कम आएंगी.'