केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अचानक पद छोड़ने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया का माहौल पूरी तरह बदल गया है. इस खबर के बाहर आते ही देश के युवाओं और छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई, जिसकी गूंज अब एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर साफ सुनाई दे रही है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जहां इंटरनेट पर बॉलीवुड मीम्स की बाढ़ आ गई है, वहीं जंतर-मंतर पर डटे छात्रों ने भी अपने आंदोलन को खत्म करने का ऐलान कर दिया है.
खबर पक्की होते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दिया.
एक यूजर ने पंचायत सीरीज का सबसे फेमस सीन शेयर कर लिखा. 'देश का मूड, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा.'
एक यूजर ने चक दे इंडिया का आइकॉनिस क्लाइमैक्स वाला सीन शेयर किया. जिसमें इंडिया की जीत के बाद शाहरुख की आंखों में आंसू होते हैं. इस पोस्ट करते हुए लिखा, 'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद अभी पूरा देश..'
वहीं एक यूजर ने रजनीकांत का वीडियो शेयर कर लिखा, 'मोदी और सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफ़ा इसलिए दिलवाया ताकि वे जल्द से जल्द FCRA बिल पास कर सकें, लेकिन हम इसे साबित नहीं कर सकते.'
एक यूजर ने 12वीं पास का क्लाइमैक्स सीन शेयर किया. जिसमें विक्रांत मैसी कहते हुए दिख रहे है - गरीब अगर अनपढ़ रहेगा, तभी तो भेड़-बकरियों की तरह नेताओं की इशारों पर चलता रहेगा.'
वहीं एक यूजर ने तो ये लिख दिया कि सलमान खान के कहने पर मोदी जी ने धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया.
एक यूजर ने लिखा, 'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बीजेपी'.
एक यूजर ने नितिन गडकरी पर चुटकी लेते हुए कहा, 'रिपोर्टर: धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया, आप कब करोगे?'
वहीं एक यूजर ने लिखा- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद का दृश्य - साथ में PM मोदी, नितिन गडकरी और अमित शाह.
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस प्रोटेस्ट को सफल बनाने में सोशल मीडिया ने अब तक की सबसे दमदार किरदार प्ले किया है. हर युवा ने लगातार ही इतनी रील्स पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ शेयर की, कि उन्हें अब इस्तीफा देना पड़ा.
खैर, अब इन सब के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है. सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने सरकार के साथ अपनी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद यह ऐलान किया. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी नेताओं ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आंदोलन शुरू होने से पहले उनकी तीन प्रमुख मांगें थीं. इनमें से पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है.