पाकिस्तानी गायक आतिफ असलम ने कोक स्टूडियो पाकिस्तान और कोक स्टूडियो भारत के बीच क्रिएटिव अंतर पर अपनी राय रखी है. उनके मुताबिक, पाकिस्तानी वर्जन में वो “जादू” है, जो भारतीय वर्जन में गायब लगता है.
आतिफ असलम ने इंडिया टुडे और मिरची यूएई को दिए इंटरव्यू में कहा कि दोनों तरफ की कंपोजिशन अच्छी हैं, लेकिन भारतीय वर्जन में संगीत की गहरी जड़ें और वो “रॉनेस” मिसिंग है, जो पाकिस्तानी म्यूजिक की पहचान है.
'तेरे लिए' गाकर पछताए आतिफ
कोक स्टूडियो भारत: आतिफ के अनुसार, यहां कमर्शियल अपील पर ज्यादा जोर दिया जाता है. कोक स्टूडियो पाकिस्तान: यहां ओरिजिनल म्यूजिक और आर्टिस्ट की अपनी स्टाइल को ज्यादा महत्व मिलता है. छोटी टीम मिलकर काम करती है, लेकिन सिंगर को अपनी फ्लेयर जोड़ने की आजादी होती है. सिंगर का कहना था कि कंपोजिशन जो हैं, वो दोनों तरफ की अच्छी हैं, लेकिन जो हमारा म्यूजिक है, उसकी जो रूट्स हैं, भारत के कोक स्टूोडियो में वो मिसिंग हैं.
इसी इंटरव्यू में आतिफ से पूछा गया कि क्या कोई ऐसा गाना है, जिसे उन्होंने गाया लेकिन बाद में लगा कि इसे किसी और सिंगर को गाना चाहिए था. आतिफ ने तुरंत 2010 की फिल्म प्रिंस का रोमांटिक सॉन्ग ‘तेरे लिए’ नाम लिया, जिसे उन्होंने श्रेया घोषाल के साथ गाया था और जिसमें विवेक ओबेरॉय लीड रोल में थे. आतिफ ने साफ कहा कि उन्हें लगता है ये गाना किसी और सिंगर को गाना चाहिए था.
‘तेरे लिए’ के कंपोजर सचिन गुप्ता ने आतिफ के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने याद दिलाया कि यही गाना आतिफ को भारत में बड़ी पहचान दिलाने वाला ट्रैक रहा है. सचिन ने सवाल किया- क्या आपको स्टूडियो जाकर यह गाना गाने के लिए मजबूर किया गया था? उनका कहना था कि अगर आतिफ खास तौर पर ‘तेरे लिए’ की बात कर रहे हैं, तो लोगों को यह भी पता होना चाहिए कि उस वक्त आतिफ इस गाने को लेकर कितने एक्साइटेड थे और कहते थे, वाह, चलिए इसे करते हैं, सचिन.
बता दें कि आतिफ असलम का भारत में एक फैन बेस रहा है. लेकिन 2016 के उरी हमले और 2019 के पुलवामा हमले के बाद बढ़े राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तानी कलाकारों पर भारत में काम करने पर बैन लगा दिया गया.