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पढ़ी 120 पन्नों की स्क्रिप्ट... फिर ज्यूरिख की नौकरी छोड़ 'हनुमान अंश' में लगाए 50 लाख, अब करोड़ों कमा रहीं अनुप्रिया

21 साल की अनुप्रिया नागर ने ज्यूरिख की ड्रीम जॉब छोड़कर ‘हनुमान अंश’ में 50 लाख रुपये लगाए. नीम करोली बाबा से जुड़ी इस फिल्म ने उनकी जिंदगी कैसे बदल दी, जानिए पूरी कहानी.

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ज्यूरिख की नौकरी छोड़ हनुमान अंश की प्रोड्यूस (Photo: Instagram @anupriyanagar2709)
ज्यूरिख की नौकरी छोड़ हनुमान अंश की प्रोड्यूस (Photo: Instagram @anupriyanagar2709)

फिल्मों की दुनिया में किस्मत कब किसका दरवाजा खटखटा दे, कोई नहीं जानता. ‘हनुमान अंश’ से जुड़ी 21 साल की अनुप्रिया नागर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. इकॉनमिक्स की पढ़ाई करने वाली अनुप्रिया ने विदेश में पढ़ाई की, ज्यूरिख में अपनी ‘ड्रीम जॉब’ हासिल की और एक आरामदायक जिंदगी की तैयारी कर रही थीं. लेकिन नीम करोली बाबा की कहानी से जुड़ाव ऐसा हुआ कि उन्होंने सबकुछ पीछे छोड़कर फिल्म में पैसा लगाने का फैसला कर लिया.

दिलचस्प बात ये है कि अनुप्रिया ने फिल्म के बनने के शुरुआती दौर में एंट्री नहीं ली थी. जब ‘हनुमान अंश’ की शूटिंग पूरी हो चुकी थी और पोस्ट-प्रोडक्शन शुरू होने वाला था, उस वक्त फिल्म को फंडिंग की जरूरत थी. अनुप्रिया ने फिल्म की कहानी पढ़ी और महज एक बैठक में उन्हें लगा कि यही वो मौका है जिसका वह लंबे समय से इंतजार कर रही थीं.

नीम करोली बाबा की कहानी ने बदली जिंदगी

अनुप्रिया का फिल्म इंडस्ट्री में आने का कोई प्लान नहीं था. वह यूके में इकॉनमिक्स की पढ़ाई कर रही थीं और पढ़ाई पूरी करने के बाद ज्यूरिख में उन्हें नौकरी भी मिल गई थी. लेकिन पढ़ाई के दौरान ही उनकी दिलचस्पी नीम करोली बाबा की कहानी में बढ़ने लगी.

दरअसल, यूनिवर्सिटी के अपने फाइनल ईयर प्रोजेक्ट के दौरान वह टेक्नोलॉजी कंपनियों के फाउंडर्स के बारे में रिसर्च कर रही थीं. इसी दौरान उनकी नजर एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की भारत यात्रा और नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम से जुड़े किस्से पर पड़ी.

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अनुप्रिया के मुताबिक, उन्हें हैरानी हुई कि वह नीम करोली बाबा को विदेशी लोगों के जरिए जान रही थीं. उनके मन में सवाल उठा कि आखिर वह खुद महाराज जी की कहानी क्यों नहीं जानतीं. यहीं से उनके मन में नीम करोली बाबा की जिंदगी पर कुछ बनाने का विचार आया. वह शॉर्ट वीडियो या कॉमिक बुक के जरिए उनकी कहानी नई पीढ़ी तक पहुंचाने के बारे में सोचने लगीं. लेकिन इसी बीच उन्हें ज्यूरिख में नौकरी मिल गई.

ज्यूरिख में आराम की जिंदगी का सपना था

अनुप्रिया ने बताया कि उन्होंने यूके में पढ़ाई के दौरान कई पार्ट-टाइम जॉब की थीं और पैसे बचाए थे. उनका प्लान था कि ज्यूरिख जाकर वह एक आरामदायक जिंदगी जिएंगी और अपने माता-पिता पर आर्थिक रूप से निर्भर नहीं रहेंगी. फिर भारत की एक यात्रा ने उनकी पूरी जिंदगी का रास्ता बदल दिया.

120 पन्नों की स्क्रिप्ट एक ही बार में पढ़ डाली

भारत आने के दौरान अनुप्रिया की मुलाकात प्रोड्यूसर रागिनी सोना से हुई. रागिनी ने उन्हें बताया कि ‘हनुमान अंश’ नाम की फिल्म बन रही है, जो नीम करोली बाबा के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित है. अनुप्रिया पहले से ही महाराज जी की कहानी पर कुछ करने के बारे में सोच रही थीं. उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ने की इच्छा जताई. फिर जो हुआ, उसने उन्हें इस फिल्म से पूरी तरह जोड़ दिया. अनुप्रिया ने फिल्म की 120 पन्नों की स्क्रिप्ट एक ही बैठक में पढ़ डाली.

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उन्हें कहानी पसंद आई और उन्होंने पूछा कि क्या वह किसी तरह इस प्रोजेक्ट से जुड़ सकती हैं. तब उन्हें पता चला कि फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है, पोस्ट-प्रोडक्शन शुरू होने वाला है और फिल्म को फंडिंग की जरूरत है. बस फिर क्या था, अनुप्रिया ने मौका पकड़ लिया.

‘मैंने फिल्म नहीं चुनी, फिल्म ने मुझे चुना’

अनुप्रिया ने अपने इस सफर को बेहद दिलचस्प अंदाज में बताया. उनके मुताबिक, उन्हें लगता है कि उन्होंने ‘हनुमान अंश’ को नहीं चुना, बल्कि ‘हनुमान अंश’ ने उन्हें चुना. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से महाराज जी की कहानी को दुनिया तक पहुंचाने का मौका तलाश रही थीं और जब मौका सामने आया तो उन्होंने उसे पकड़ लिया. इसके बाद वह फिल्म की टीम से मिलीं और बतौर को-प्रोड्यूसर प्रोजेक्ट का हिस्सा बन गईं.

50 लाख रुपये लगा दिए फिल्म में

सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि महज 21 साल की उम्र में अनुप्रिया ने फिल्म में अपनी बड़ी रकम लगा दी. उन्होंने बताया कि ‘हनुमान अंश’ में उन्होंने 50 लाख रुपये निवेश किए, जबकि फिल्म का कुल बजट 1.5 करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा था. उन्होंने फिल्म के कुल बजट का करीब एक-तिहाई हिस्सा लगाया.

मुनाफे में उनकी हिस्सेदारी भी तय हुई. उनके मुताबिक, डिस्ट्रीब्यूटर का हिस्सा और दूसरे खर्च व टैक्स निकालने के बाद बचने वाले मुनाफे को चार लोगों में बांटा जाना था और उन्हें उसका एक-चौथाई हिस्सा मिलना था. जब अनुप्रिया ने अपने परिवार को बताया कि वह ज्यूरिख की नौकरी छोड़कर फिल्म इंडस्ट्री में पैसा लगाने जा रही हैं, तो घरवालों के लिए भी ये फैसला किसी झटके से कम नहीं था. उनके पिता की शुरुआती प्रतिक्रिया भी कुछ ऐसी ही थी कि बेटी ने आखिर ये क्या फैसला कर लिया.

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50 लाख से 50 करोड़ की कमाई का दावा

अब कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा आता है. ‘हनुमान अंश’ रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं ज्यादा कामयाब रही. अनुप्रिया से जुड़ी रिपोर्ट्स में 50 लाख रुपये के निवेश से करीब 50 करोड़ रुपये की कमाई का दावा सामने आया है.

हालांकि यहां ये समझना जरूरी है कि 50 करोड़ की रकम को सीधे अनुप्रिया की जेब में आई रकम समझना सही नहीं होगा. उन्होंने खुद बताया है कि पहले डिस्ट्रीब्यूटर का हिस्सा निकलेगा, फिर फिल्म से जुड़े दूसरे खर्च और टैक्स चुकाए जाएंगे. इसके बाद बचने वाले मुनाफे में उनकी हिस्सेदारी होगी.

फिर भी, 21 साल की उम्र में ज्यूरिख की नौकरी छोड़कर एक ऐसी फिल्म में 50 लाख रुपये लगाना, जिसके बारे में शायद उस वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि वह इतना बड़ा सरप्राइज देगी- ये कहानी अपने आप में किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है.

‘हनुमान अंश’ ने बदल दी अनुप्रिया की कहानी

विषाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी ‘हनुमान अंश’ नीम करोली बाबा के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित है. फिल्म में शोभिनाव सत्य ने आध्यात्मिक गुरु का किरदार निभाया है.7 अगस्त 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म ने थिएटर में उम्मीद से अलग प्रदर्शन करते हुए बड़ी सफलता हासिल की.

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और इसी फिल्म के साथ अनुप्रिया नागर की जिंदगी की कहानी भी एक नया मोड़ ले चुकी है. जिस लड़की के सामने ज्यूरिख की नौकरी और कॉरपोरेट करियर था, उसने नीम करोली बाबा की कहानी को दुनिया तक पहुंचाने के लिए फिल्म में 50 लाख रुपये लगा दिए.

अनुप्रिया की अपनी बातों में ही इस पूरे सफर का सार छिपा है- वह मौका ढूंढ रही थीं कि महाराज जी की कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे, और फिर उन्हें ‘हनुमान अंश’ मिल गई.

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