भूत बंगला की जोरदार सक्सेस के बाद अक्षय कुमार अपनी नई कॉमेडी फिल्म वेलकम टू द जंगल के साथ तैयार हैं. अक्षय की ही आइकॉनिक कॉमेडी हिट वेलकम (2007) के यूनिवर्स में सेट यह फिल्म गुरुवार शाम को पेड प्रीव्यू शोज के साथ थिएटर्स में होगी. मंगलवार से वेलकम टू द जंगल की एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है, लेकिन रिलीज से 24 घंटे पहले भी बुकिंग की स्पीड बहुत खास तो नहीं नजर आ रही.
आजकल जनता बहुत सतर्क है और टिकट बुक करने से पहले थिएटर्स से दर्शकों की ईमानदार राय आने का इंतजार किया जाता है. मगर इस राय के आने से पहले, वेलकम टू द जंगल के टीजर और ट्रेलर को मोस्टली मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था. इसके भोजपुरी गाने 'घिस घिस घिस' का तगड़ा माहौल जरूर बन चुका है और यही प्रमोशन का सबसे कामयाब एसेट साबित हुआ है. लेकिन फिल्म के साथ एक रिस्क भी है— मल्टीस्टारर कॉमेडी फॉर्मूला.
2000s की शुरुआत में मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्में जनता में बहुत पॉपुलर हुई थीं. हेराफेरी (2000), हंगामा (2003), हलचल (2004), नो एंट्री (2005), गोलमाल (2006), वेलकम (2007), धमाल (2007) और हाउसफुल (2010) जैसी फिल्में उसी दौर की देन हैं. आगे चलकर इनमें से अधिकतर फ्रेंचाइजी में बदल गईं. मगर फ्रेंचाइजी सिस्टम ने इनके नए सीक्वल्स को थोड़ा थकाऊ बनाना शुरू कर दिया. लॉकडाउन के बाद, जब दर्शकों में सिनेमा का स्वाद बदला तो ऐसी फिल्मों का क्रेज भी कम हुआ.
लॉकडाउन के बाद से बॉलीवुड की ज्यादातर मल्टीस्टारर फिल्में एक्शन-एंटरटेनर रही हैं— सूर्यवंशी, फाइटर, बड़े मियां छोटे मियां, सिंघम अगेन या धुरंधर. इस बीच बॉलीवुड से 'एक्टर्स की भीड़ और कन्फ्यूजन वाली कॉमेडी' स्टाइल की एक ही फिल्म प्रॉपर हिट हुई— फुकरे 3. हालांकि दर्शकों को इस फिल्म से भी शिकायत रही कि यह पिछली दो फिल्मों जितनी दमदार नहीं थी.
खुद अक्षय कुमार ने खेल खेल में (2024) और हाउसफुल 5 (2025) में कॉमेडी का वही स्टाइल ट्राई किया, जिसके वह सबसे पॉपुलर फेस रहे हैं. खेल खेल में को लोगों ने पसंद तो किया, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई. हाउसफुल 5 बॉक्स ऑफिस पर एवरेज कमाई करके फ्लॉप होने से तो बच निकली, लेकिन इससे लोगों को बहुत शिकायतें रहीं. सबसे बड़ी तो यही कि इस फ्रेंचाइजी में अब वो मजा ही नहीं रहा, जिसने इसे ऑडियंस दिलाई थी.
अब वेलकम टू द जंगल में 30 से ज्यादा पॉपुलर एक्टर्स की भीड़ के साथ अक्षय फिर से कॉमेडी में हाथ आजमा रहे हैं. यह ब्रेन-रॉट स्टाइल की फिल्म है, यानी जिसके लिए दिमाग पार्किंग में छोड़कर थिएटर में बैठना पड़ता है. और बहुत दिनों से इस तरह की कोई मजेदार फिल्म आई नहीं है, यह इसके पक्ष में एक पॉजिटिव बात है.
यह तो नजर आ ही रहा है कि इस स्टाइल की फिल्में लॉकडाउन के बाद से बहुत बड़ा कमाल नहीं कर पाई हैं. लेकिन इस तरह की फिल्मों को कोई फिर से चला सकता है तो वह भी अक्षय और उनकी वेलकम टू द जंगल गैंग है. इस फिल्म की सक्सेस पर सिर्फ अक्षय ही नहीं, अजय देवगन की भी नजर लगी होगी, क्योंकि वेलकम टू द जंगल के बाद, जुलाई में उनकी धमाल 4 भी कतार में है.