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हिमाचल में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद, भूस्खलन से सड़कें ठप, फ्लैश फ्लड का खतरा

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के रेड अलर्ट के बीच कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. कई जिलों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हैं और फ्लैश फ्लड का खतरा भी जताया गया है. प्रशासन ने लोगों से गैरजरूरी यात्रा से बचने और आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है.

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मौसम विभाग ने फ्लैश फ्लड का खतरा जताया. (Photo: Screengrab)
मौसम विभाग ने फ्लैश फ्लड का खतरा जताया. (Photo: Screengrab)

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मौसम विभाग के रेड अलर्ट का असर दिखाई देने लगा है. मंगलवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए. वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने कई जिलों में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का खतरा भी जताया है. मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया. इसके अलावा शिमला जिले के ठियोग, चंबा जिले के सलूणी और कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र में भी रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया.

किन्नौर जिले में भूस्खलन के कारण पुराने हिंदुस्तान-तिब्बत रोड यानी राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. अधिकारियों के अनुसार, शलखर के पास पहाड़ी से अचानक मलबा आने के कारण सड़क बंद हो गई. वहीं समदो के पास चट्टानें गिरने से भी रास्ता अवरुद्ध हो गया. प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अत्यंत जरूरी होने पर ही यात्रा करें. इन घटनाओं के बाद काजा, स्पीति, पूह और रिकांग पिओ के बीच वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है.

रेड अलर्ट के बीच बंद हुए स्कूल और कॉलेज

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई अन्य प्रमुख सड़कें भी बंद हो गई हैं. इनमें नूरपुर-लाहरू रोड, चुवाड़ी-डलहौजी मार्ग, शाहपुर-सिहुंता-चुवाड़ी रोड और पंजाब से हिमाचल के भरमौर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए चक्की मार्ग भी शामिल है. सोमवार शाम से कांगड़ा, चंबा और सिरमौर के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 136.4 मिलीमीटर बारिश पालमपुर में हुई. इसके बाद ददाहू में 105.6 मिलीमीटर, जत्तों बैराज में 103.6 मिलीमीटर, पांवटा साहिब में 79.8 मिलीमीटर, नाहन में 79.2 मिलीमीटर, धर्मशाला में 75.4 मिलीमीटर और भटियात में 71 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई.

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इसके अलावा कांगड़ा, पच्छाद, संगड़ाह और धौलाकुआं में 60 से 68 मिलीमीटर के बीच बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने मंगलवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके साथ ही फ्लैश फ्लड का खतरा भी जताया गया है. विभाग के अनुसार, एक दिन में 115.6 से 204.5 मिलीमीटर तक बारिश को बहुत भारी बारिश माना जाता है, जबकि 204.5 मिलीमीटर से अधिक बारिश को अत्यंत भारी बारिश की श्रेणी में रखा जाता है.

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, सोमवार शाम की बारिश के बाद प्रदेश में कुल 36 सड़कें बंद हो गई हैं. इनमें 11 सड़कें मंडी और 10 सड़कें चंबा जिले में हैं. बारिश के कारण 43 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं. इसके अलावा पांच बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हुए हैं. अधिकारियों ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र 24 घंटे सक्रिय रखें. साथ ही भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और बादल फटने की आशंका वाले स्थानों की पहचान कर निगरानी बढ़ाई जाए.

बारिश के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर

प्रशासन ने लोगों से गैरजरूरी यात्रा से बचने, नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहने की अपील की है. साथ ही लोगों से कहा गया है कि उफनते पुलों और जलभराव वाली सड़कों को पार करने की कोशिश न करें. किसी भी आपात स्थिति में लोगों से राज्य आपदा हेल्पलाइन 1070 या जिला आपदा हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क करने और केवल आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है.
 

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