CJP प्रदर्शन और लाठीचार्ज को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि 'लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन हिंसा, बिना अनुमति आंदोलन और अराजकता फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी'. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने निजी एजेंडे के लिए इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे.
फडणवीस का कहना है कि आंदोलन में शामिल सभी लोगों को गलत नहीं ठहराया जा सकता. कई छात्र अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने का अधिकार है, लेकिन कानून तोड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती. उनका दावा है कि कुछ लोग CJP के प्रदर्शन में अपने मकसद को पूरा करने के लिए शामिल हुए. ऐसे लोगों का NEET या परीक्षा से कोई संबंध नहीं है. उनका उद्देश्य सिर्फ माहौल खराब करना है.
'कुछ लोगों को मुद्दे की जानकारी नहीं'
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, फडणवीस का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल कई लोगों को यह भी पता नहीं था कि NEET क्या है या आंदोलन किस मुद्दे पर हो रहा है. दरअसल, ऐसे लोग विरोध प्रदर्शन का इस्तेमाल सिर्फ अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं. साथ ही, जनता से नकार दिए गए कुछ राजनीतिक दल और संगठन इस पूरे मामले का फायदा उठाकर अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के में जुटे हैं.
CJP ने NEET और दूसरी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ सोमवार को दिल्ली में 'संसद चलो' मार्च निकाला था. इस दौरान संसद मार्ग के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ. स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था. फडणवीस ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि कोई भी सरकार अपने लोगों पर लाठी नहीं चलाना चाहती. पुलिस जवानों ने पूरी समझदारी दिखाई, क्योंकि अगर समय रहते हालात पर काबू न पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था.
फडणवीस ने कहा कि अगर कोई प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से और अनुमति लेकर किया जाता है तो उसे रोका नहीं जाएगा. उन्होंने साफ किया कि हिंसा या बिना अनुमति प्रदर्शन करने वालों पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में 20 जून से जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है. सोमवार को CJP ने संसद तक मार्च निकाला था, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी.