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मिर्जापुर फेम एक्टर को डायरेक्टर ने बनाया बंधक! नहीं दिया मेहनताना, रोते हुए लगाई मदद की गुहार

'लापता लेडीज' और 'मिर्जापुर' फेम एक्टर सत्येंद्र सोनी ने फिल्म डायरेक्टर पर पेमेंट रोकने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया. उनका मदद मांगता वीडियो वायरल होने के बाद मैहर पुलिस और कई लोगों की मदद से वह सुरक्षित मुंबई लौट आए.

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 : कैसे एमपी पुलिस ने की सुरक्षा? (Photo: screengrab)
: कैसे एमपी पुलिस ने की सुरक्षा? (Photo: screengrab)

मिर्जापुर और लापता लेडीज जैसी नामचीन फिल्मों में काम कर चुके एक्टर सत्येंद्र सोनी एक मुश्किल में फंस गए थे. उनका एक वीडियो सामने आया जहां वो रोते हुए मदद की गुहार लगाते दिखे. सत्येंद्र का दावा है कि डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने उनसे काम कराया और बकाया पैसे नहीं दिए. साथ ही मारने की भी धमकी दी. वो मध्य प्रदेश के मैहर में फंस गए थे. 

वीडियो शेयर कर सत्येंद्र ने मदद मांगी तो एमपी पुलिस समेत कई लोगों ने उनकी सहायता की. जिसके बाद अब वो सुरक्षित हैं. एक्टर ने वीडियो ने पूरी कहानी बताई.

रोते-बिलखते दिखे एक्टर

सत्येंद्र कहते हैं- मेरा नाम सत्येंद्र सोनी है, मैं एक्टर हूं. मैं मैहर फिल्म पेड पालकी करने आया था. इसके डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह हैं. इन्होंने मुझे 50 हजार साइनिंग अमाउंट दिया था. उसके बाद इन्होंने बोला था कि हम आपको ऑन शूट डे पर पेमेंट करेंगे. आज हमने 8 दिन की शूटिंग कर ली हैं. जब हमने इनसे पैसे की बात की तो इन्होंने हमारा पैकअप कर दिया और कहा कि तुम लोग होटल में नहीं दिखने चाहिए. 

रोते हुए सत्येंद्र ने आगे बताया कि हमारा पैक-अप कर दिया और हमें मारने की धमकी दे दी. एक्टर का ये वीडियो वायरल हो गया, उनके पोस्ट पर लोगों ने कमेंट कर मदद करने की बात कही. उनसे कॉन्टैक्ट नंबर और डायरेक्टर का पता तक मांगा गया. सत्येंद्र की मदद को आगे आए लोगों की वजह से उन्हें बचा लिया गया. 

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कैसे बची जान?

सत्येंद्र ने एक वीडियो पोस्ट किया जहां रेलवे स्टेशन पर दो लोगों के साथ सामान समेटते नजर आए. वीडियो में वो बताते हैं कि वो अब ठीक और सुरक्षित हैं. सत्येंद्र ने कहा- मेरे साथ श्रीधर दुबे भैया हैं, और ये पंकज दुबे जी हैं. हम सुरक्षित मुंबई में पहुंच गए हैं. बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं. मैहर पुलिस ने बहुत ज्यादा सपोर्ट किया. इसी के साथ कई और मददगारों का नाम लेते हुए सत्येंद्र ने बताया कि अब वो कैसे उस उलझन से बाहर निकले. उनके साथ मौजूद लोगों ने बताया कि- सफर बहुत मुश्किल रहा लेकिन अब हम मुंबई आ चुके हैं. हम तीनों के साथ ये पहली बार था, बहुत बड़ा सबक मिला. हम मानसिक रुप से हिल गए थे. वहां पर बहुत जरूरी हो गया था कि हमसे कोई बात करें, और प्रोत्साहन देता रहे. 

तीनों ने बताया कि कई लोगों ने कॉल करके हमारा हालचाल लिया और हमारी हिम्मत बनाए रखी. हमें किसी ने अकेलापन महसूस नहीं होने दिया. हम ये वीडियो इसलिए बना रहे हैं क्योंकि बहुत लोग परेशान हो रहे हैं, लगातार सवाल कर रहे हैं. मुश्किल दौर रहा लेकिन अब सब ठीक है. आप सभी का शुक्रिया. क्योंकि जिस तरह की डायरेक्टर ने हरकत की उससे ये तो समझ आ रहा था कि उन्हें सिनेमा नहीं बनाना. उनका मकसद कुछ और था. लेकिन हमने वहां एकता दिखाई और सुरक्षित बाहर निकले.

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सत्येंद्र ने किरण राव की लापता लेडीज में छोटू का किरदार निभाया था, जो 'फूल' को पनाह देता है. वहीं वो जल्द ही मिर्जापुर द फिल्म में भी नजर आने वाले हैं. सत्येंद्र बता चुके हैं कि उनकी छोटी हाइट के बावजूद वो एक्टर बनने की कितना इच्छा रखते थे. तमाम तानों के बाद भी उन्होंने अपनी अलग राह चुनी और मुकाम हासिल किया है.

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