सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में बीजेपी के रथ की तुलना चाऊमीन के ठेलों से की थी. ऐसे में अब अखिलेश के इस बयान पर भाजपा भड़क गई है. यूपी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि अखिलेश यादव का चाऊमीन ठेलों पर बयान रेहड़ी पटरी वालों का अपमान है.
दरअसल, अखिलेश यादव ने मैनपुरी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, भाजपा अब 6-6 रथ यात्राएं निकाल रही है. सब जुगाड़ वाले रथ हैं. इन्हें दिल से नहीं बनाया गया. गोमती के किनारे जो ठेले लगते हैं चाऊमीन के, उसी तरह भाजपा के रथ हैं, उसी का रंग बदल कर ले आए हैं. चाऊमीन वाला रथ भाजपा चला रही है.
10 करोड़ की बस पर चलने वाले जमीनी मुद्दे क्या जाने?
अखिलेश के बयान पर पलटवार करते हुए मोहसिन रजा ने कहा, 10 करोड़ की बस में चलने वाले अखिलेश जमीन के लोगों के मुद्दों को क्या जाने? ये वही लोग हैं जिन्होंने रामलला के रथ को भी रोकने का प्रयास किया था. मोहसिन रजा ने कहा, चाचा शिवपाल का अखिलेश के नेतृत्व में चुनाव में जाने के कोई मायने नहीं है. प्रदेश ने सपा को नकारा है. दोनों निजी फायदे के लिए साथ आये हैं.
सपा ने भी किया पलटवार
मोहसिन रजा सके बयान पर सपा नेता सुनील सिंह साजन ने पलटवार किया है. साजन ने कहा की बीजेपी सपा की नकल करती है. उन्होंने कहा, चाऊमीन ठेले वाला अखिलेश यादव का बयान छोटे दुकानदारों का अपमान नहीं, बल्कि बीजेपी ने खुद ठेले वालों को बेरोजगार किया. अखिलेश यादव की रथ यात्रा में हजारों की भीड़ सरकार पलटने की तैयारी दिखा रही है. सुनील सिंह ने कहा, चाचा शिवपाल ने भी अखिलेश यादव का नेतृत्व स्वीकार किया, सभी छोटे दल साथ आए हैं. ओमिक्रॉन से निपटने की सरकार की कोई तैयारी नहीं है, गंगा की लाशों, बेड और ऑक्सीजन की कमी को कोई नहीं भूला.
इनकम टैक्स रेड पर क्या बोली सपा
हाल ही में आयकर विभाग ने सपा के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी. इस पर सपा प्रवक्ता मनोज काका ने कहा, आयकर विभाग ने छापे मारे हैं उनसे कहीं कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि समाजवादी पार्टी के जो लोग हैं, वह हिसाब रखने वाले लोग हैं. हिसाब देने वाले लोग हैं. लेकिन उन सभी से एक सवाल है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह की संपत्ति 1 साल में 16000 गुना बढ़ती है, उन पर क्या आप छापे मार पाएंगे. बीजेपी की संपत्ति 2014 के बाद से 52% से ज्यादा बढी है, क्या छापे मार पाएंगे? देश के संस्थानों को जो एक उद्योगपति को बेचा गया है और जो बीजेपी को चंदा देता है उसकी जांच कब होगी. यूपी की जनता अब जान चुकी है उनको एक सुरक्षित वातावरण कोई दे सकता है तो अखिलेश यादव दे सकते हैं. इसी से भाजपा घबराई हुई है.