पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है. एक तरफ बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग (EC) से शिकायत करते हुए ममता बनर्जी पर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) उल्लंघन, बीजेपी कार्यकर्ताओं को धमकाने और CAPF के खिलाफ बयान देकर डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया है. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ IPS अधिकारी ट्रांसफर के बावजूद पद पर बने हुए हैं और चुनाव आयोग को CID, डायरेक्टर सिक्योरिटी और IB में हस्तक्षेप करना चाहिए. इसके साथ ही, बीजेपी ने फॉर्म-6 से जुड़ा डेटा भी आयोग को सौंपा है.
वहीं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
उन्होंने कहा कि बीजेपी एजेंट बड़ी संख्या में फर्जी फॉर्म-6 जमा कर बाहरी लोगों को बंगाल की वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं.
'लाखों असली वोटर...'
सीएम ममता ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा कि यह अवैध और असंवैधानिक है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग इन आवेदनों को तेजी से मंजूरी दे रहा है, जबकि लाखों असली वोटर अभी लंबित हैं.
ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए मांग की है कि चुनाव आयोग तुरंत इस प्रक्रिया को रोके और सुनिश्चित करे कि फाइनल वोटर लिस्ट में कोई फर्जी नाम शामिल न हो. उन्होंने इसे “वोटर हाइजैकिंग” की साजिश बताते हुए कहा कि बंगाल की जनता अपने लोकतंत्र के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी.
यह भी पढ़ें: Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल में मछली पर BJP-TMC में आर-पार!
बीजेपी की क्या मांगें हैं?
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "एक ज़रूरी मुद्दा दर्ज करवाने के लिए CEO के दफ़्तर आए थे. बीजेपी का केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में EC के दफ़्तर गया था. हम भी वही चिंता दर्ज करवाने आए हैं."
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग को MCC के मुताबिक ममता के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए. ममता के बयानों की क्लिपिंग्स जमा कर दी गई हैं. CAPF का विरोध करने पर ममता की टिप्पणी डराने-धमकाने वाला काम है.
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "टीएमसी सीधे तौर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को धमकाने में शामिल है. ममता के ख़िलाफ़ दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जा सकती? कुछ आईपीएस अधिकारी तबादला होने के बाद भी अपने सरकारी आवासों पर ही जमे हुए हैं."
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग को CID, डायरेक्टर सिक्योरिटी और IB के मामले में दखल देना चाहिए. बीजेपी ने चुनाव आयोग को फ़ॉर्म 6 से जुड़ा डेटा दिया है.