scorecardresearch
 

'फूलन देवी की हत्या करवाकर छीनी राजनीतिक विरासत', संजय निषाद का विपक्ष पर हमला, मछुआरा समाज को किया सतर्क

निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने विपक्ष पर फूलन देवी की हत्या की सुपारी देने और उनकी संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है. उन्होंने मछुआरा समाज को चुनावी बरसाती नेताओं और भेष बदलकर आने वाले नेताओं से सावधान रहने की चेतावनी दी.

Advertisement
X
डॉ. संजय निषाद का विपक्ष का बड़ा हमला. (File photo: ITG)
डॉ. संजय निषाद का विपक्ष का बड़ा हमला. (File photo: ITG)

निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने चुनावी मौसम में एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर विपक्ष पर सीधा और गंभीर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों ने फूलन देवी की हत्या की सुपारी देकर मछुआरा समाज की स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को उभरने से रोकने की साजिश रची थी.

संजय निषाद ने विपक्ष पर फूलन देवी की संपत्ति हड़पने और उनकी राजनीतिक विरासत छीनने का आरोप लगाते हुए समाज से केवल चुनाव में सक्रिय होने वाले बरसाती नेताओं और बहरूपियों से पूरी तरह सावधान रहने का आह्वान किया.

'ये मछुआरा समाज का भला चाहने वाले लोग नहीं'

संजय निषाद ने आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने फूलन देवी की हत्या की सुपारी दी और उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया, वह मछुआरा समुदाय का भला चाहने वाले लोग नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि इन ताकतों ने फूलन देवी की राजनीतिक विरासत को मछुआरा समुदाय से छीनने की पूरी कोशिश की. उन्होंने मल्लाह, निषाद, केवट, कश्यप, बिंद, धीवर, कहार, बाथम, रायकवार और माझी समाज से ऐसे षड्यंत्रकारियों से सतर्क रहने को कहा.

साढ़े चार साल नजर नहीं आए ये लोग

उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग साढ़े चार साल तक समाज के सुख-दुख में नजर नहीं आए, वो चुनावी सीजन आते ही पंचायत के बहाने बरसाती मेंढक की तरह कूदने लगे हैं. उन्होंने कहा कि भेष बदलकर आने वाले इन सौदागरों से समाज को दूर रहना होगा.

संजय निषाद ने जोर देकर कहा कि मछुआरों की एकमात्र स्वतंत्र राजनीतिक पहचान अब निषाद पार्टी है. मछुआरे सिर्फ दरी बिछाने वाली कौम नहीं हैं, बल्कि वह ओबीसी समाज के हक और सम्मान की लड़ाई लड़ने वाली कौम हैं. उन्होंने समाज को अपना स्वतंत्र नेतृत्व मजबूत रखने का संदेश दिया है. बरसाती मेंढक भेष बदल-बदल के आएंगे. उनसे सावधान रहना है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement