सुल्तानपुर में जनसभा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि लखनऊ में सपा से जुड़े एक भू-माफिया ने 120 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था, लेकिन जैसे ही उसके खिलाफ FIR दर्ज हुई, वह अगले दिन 'बाप-बाप' चिल्लाते हुए खुद सरेंडर करने पहुंच गया. इस बड़ी कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में गुंडागर्दी और अवैध कब्जे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.
सीएम योगी ने 2017 से पहले के सुल्तानपुर का जिक्र करते हुए बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उस समय हर बड़े पर्व-त्योहार से ठीक पहले तनाव के साथ उपद्रव शुरू हो जाते थे. लोगों को दुर्गा पूजा या रामनवमी जैसे पावन पर्व भी शांति से नहीं मनाने दिए जाते थे. उस दौर में गुंडागर्दी चरम पर थी. विकास के सारे काम ठप पड़े थे, जिसके कारण गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचता था. उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या, सुल्तानपुर को प्रयागराज से जोड़ने वाले इस अहम मार्ग की भी कोई सुध लेने वाला नहीं था.
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से बदली तस्वीर
उन्होंने आगे बताया कि आज सुल्तानपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. सच तो यह है कि अब इस जिले से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है. इसी का नतीजा है कि बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से लोग महज 45 मिनट में अयोध्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं. इतना ही नहीं, लखनऊ का सफर करीब डेढ़ घंटे में, जबकि वाराणसी का रास्ता करीब दो घंटे में पूरा हो रहा है. उनके मुताबिक, सड़कों के इस नए नेटवर्क ने पूरे इलाके के विकास को एक नई रफ्तार दे दी है.
सीएम योगी ने जनसभा में कहा कि पहले सार्वजनिक और गरीबों की कीमती जमीनों पर कब्जा करना कुछ लोगों की आदत बन चुकी थी. हमारी सरकार बनते ही साफ कह दिया गया था कि जिसने भी अवैध कब्जा किया है, वह 24 घंटे के भीतर उसे खाली कर दे, नहीं तो सरकार को खाली कराना अच्छी तरह आता है. इसी कड़े अभियान का नतीजा है कि पूरे राज्य में भू-माफियाओं के चंगुल से 64 हजार एकड़ जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त कराया गया.
इस दौरान लखनऊ का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जिस 120 एकड़ जमीन पर सपा से जुड़े भू-माफिया का कब्जा था. सरकार ने जांच कराई और उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई. उन्होंने दावा किया कि अगले ही दिन वह खुद सरेंडर करने आ गया और कार्रवाई रोकने की गुहार लगाने लगा. सीएम योगी ने बताया कि जिस जमीन पर पहले कब्जा था, वहां आज उत्तर प्रदेश फोरेंसिक इंस्टीट्यूट बनाया जा चुका है. उनके मुताबिक, यही उनकी सरकार की कार्रवाई और विकास मॉडल का सबसे बड़ा उदाहरण है.