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'Gen-Z' को जोड़ने उतरी सपा, यूनिवर्सिटी-कॉलेजों के जरिए युवाओं का भरोसा जीतने का प्लान

यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत सपा ने 'Gen-Z' यानी नई पीढ़ी के युवाओं और छात्रों को साधने के लिए बड़ा दांव चला है. पार्टी ने प्रदेशभर के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी कैंपस में 'PDA जागरूकता अभियान' शुरू किया है, जिसके जरिए छात्रों से फीडबैक लेकर चुनावी घोषणा पत्र तैयार किया जाएगा.

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सपा का Gen-Z प्लान (Photo-ITG)
सपा का Gen-Z प्लान (Photo-ITG)

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी ने अब 'जेन-जी' (Gen-Z) यानी नई पीढ़ी के युवाओं और छात्रों को साधने के लिए बड़ा दांव चला है. पार्टी ने प्रदेशभर के युवाओं और छात्रों के बीच अपनी पैठ मजबूत करने के उद्देश्य से 'PDA जागरूकता अभियान' की शुरुआत की है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा Gen-Z को साधने के लिए 30 सितंबर तक चलाए जाने वाले इस विशेष अभियान की मुख्य कमान अंबेडकरी विचारों के रंग में रंगी समाजवादी छात्रसभा को सौंपी गई है, जबकि सपा के अन्य फ्रंटल संगठन इसमें सहयोग करेंगे.

यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में 'जेन-जी कनेक्ट'

समाजवादी पार्टी का यह अभियान केवल विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे प्रदेश भर के प्रमुख विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के कैंपस में प्रमुखता से चलाया जाएगा. सपा नेतृत्व का मानना है कि युवाओं और छात्रों के ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरकर नई पीढ़ी को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जा सकता है.

सपा युवाओं के बीच अपनी पैठ जमाने के लिए कई मुद्दों के साथ मैदान में उतरी है; जैसे फीस बढ़ोतरी का विरोध, छात्रसंघ चुनावों की बहाली, आरक्षण नीति का सही अनुपालन, रोजगार और नौकरियों का मुद्दा. यह अभियान सपा के नए सदस्यता अभियान का भी हिस्सा है; इस तरह जेन-जी के साथ कनेक्ट करने का प्लान है.

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कॉलेज के फीडबैक से बनेगा घोषणा पत्र

आजतक से बातचीत करते हुए समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा ने बताया कि छात्रसभा और अन्य युवा संगठनों के पदाधिकारी सीधे कॉलेज परिसरों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे. इस दौरान विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर छात्रों से सीधा फीडबैक जुटाया जाएगा.

सपा का मानना है कि नई पीढ़ी के साथ निरंतर संवाद बनाकर ही उन्हें पार्टी के राजनीतिक कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं से जोड़ा जा सकता है. छात्रों और युवाओं से मिलने वाले इस ग्राउंड फीडबैक को सीधे सपा मुख्यालय भेजा जाएगा, जिसकी मदद 2027 के चुनावी घोषणा पत्र को तैयार करने में ली जाएगी.

ऐप के जरिए युवाओं को जोड़ने का प्लान

युवा पारंपरिक अभियानों के साथ-साथ सपा इस बार टेक्नोलॉजी का भी सहारा ले रही है. 'जेन-जी' युवाओं की डिजिटल मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए पार्टी अपने विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से यूथ को सीधे कनेक्ट कर रही है. सपा की रणनीति इस अभियान के जरिए न केवल पार्टी का आधार बढ़ाना है, बल्कि युवाओं की उम्मीदों के हिसाब से अपने 2027 के चुनावी एजेंडे को धार देना भी है.

लैपटॉप, बेरोजगारी भत्ता देने का दांव

सपा अपने पिछले शासनकाल की बेहद पॉपुलर योजनाओं को फिर से बहाल करने का दांव चलने जा रही है. पार्टी अपने घोषणा पत्र में कन्या विद्याधन, बेरोजगारी भत्ता और मुफ्त लैपटॉप योजना को दोबारा शुरू करने का वादा करेगी. महिलाओं को साधने के लिए सालाना 40 हजार रुपये देने का बड़ा वादा किया जाएगा. इसके अलावा साहित्यकारों, पत्रकारों और कलाकारों के लिए 'यशभारती सम्मान' को फिर शुरू कर उसकी सम्मान राशि दोगुनी करने की तैयारी है.

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प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सपा एक ठोस नीति बनाने का वादा करेगी, जिसमें योग्यता के हिसाब से मानदेय और सम्मानजनक काम के घंटे तय किए जाएंगे. वहीं सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने के लिए अखिलेश यादव महान शख्सियतों—जैसे कांशीराम, महाराणा प्रताप और वीरांगना अवंती बाई की प्रतिमाएं स्थापित करने के वादों के जरिए हर समाज को जोड़ने की कवायद में लगे हैं.

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