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'मैं इसे हल्के में नहीं ले सकता...', फिर से बसपा संयोजक बनने के बाद बोले आकाश आनंद

10 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह अलग करने का ऐलान किया था. उससे पहले 3 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटा दिया गया था. मायावती ने उस समय आरोप लगाया था कि आकाश आनंद ने पार्टी के हितों की जगह अपने परिवार और व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता दी.

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 बसपा में वापसी के बाद आकाश आनंद बोले- व्यक्तिगत हित त्यागकर दिन-रात करूंगा काम (File Photo/PTI)
बसपा में वापसी के बाद आकाश आनंद बोले- व्यक्तिगत हित त्यागकर दिन-रात करूंगा काम (File Photo/PTI)

बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद की एक बार फिर वापसी हो गई है. बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार को उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक फिर से नियुक्त करने का ऐलान किया. मायावती द्वारा माफी दिए जाने और जिम्मेदारी दोबारा सौंपे जाने के बाद आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए भावुक प्रतिक्रिया दी है.

मायावती के ऐलान के तुरंत बाद आकाश आनंद ने मायावती के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लिखा, 'आदरणीय बहन मायावती जी, सादर चरणस्पर्श. आपने मुझे क्षमा किया और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की ज़िम्मेदारी दोबारा सौंपी. इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूं, और इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता हूं."

आकाश ने आगे लिखा, "पिछले कुछ समय ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है. सबसे बड़ी सीख यह है कि यह मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है. परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी और मान्यवर श्री कांशीराम जी ने जो रास्ता दिखाया, जिस पर आपने अपना पूरा जीवन लगा दिया, उस पर चलना मेरा सौभाग्य है. आपके दिशा-निर्देशन में पार्टी और मूवमेंट का हित ही मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा. मैं अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्यागकर, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ संगठन को मज़बूत करने के लिए दिन-रात काम करूंगा."

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यह भी पढ़ें: आकाश आनंद की BSP में वापसी, मायावती ने फिर बनाया राष्ट्रीय संयोजक

मायावती बोलीं- पार्टी हित में लिया फैसला
इससे पहले मायावती ने सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए लिखा था कि काफी सोच-विचार के बाद पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में आकाश आनंद को फिर से बसपा का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त करने का फैसला किया गया है. मायावती ने उम्मीद जताई कि उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब पार्टी सुचारू रूप से चलेगी और बार-बार संगठन में बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि काफी कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि आकाश आगे कैसा काम करते हैं.

आपको बता दें कि इसी महीने 3 सितंबर को मायावती ने आकाश को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया था और 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने का ऐलान किया था. मायावती ने तब आरोप लगाया था कि आकाश पार्टी से ऊपर अपने पारिवारिक और व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं. अब आकाश आनंद ने खुद सार्वजनिक रूप से व्यक्तिगत हितों को त्यागने का वादा कर अपनी निष्ठा साबित करने का संकल्प लिया है.
 

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