scorecardresearch
 

राजस्थान में परीक्षा सिस्टम राम भरोसे! RPSC से लेकर बोर्ड तक पद खाली, नियुक्ति के नियम भी नहीं

राजस्थान में RPSC, कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) जैसे प्रमुख परीक्षा निकायों की हालत खस्ता है. तीनों संस्थाओं में अध्यक्ष और सदस्यों के कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इन पदों पर नियुक्तियों के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं बने हैं. राजनीतिक रसूख के दम पर होने वाली नियुक्तियों और ढुलमुल व्यवस्था के कारण लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है.

Advertisement
X

राजस्थान में परीक्षा करानेवाली संस्थाओं का बुरा हाल है. आयोग और बोर्ड  के अध्यक्ष समेत सदस्य तक के पद खाली पड़े रहते हैं. अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए कोई नियम नही है. जिस पार्टी की सरकार होती है वो अपने अपने क़रीबियों और पार्टी के लोगों को नियुक्त करते हैं.

1.राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्थिति 

एक अध्यक्ष व 10 सदस्य होते हैं  जिनमें से एक अध्यक्ष व 4 सदस्यों (बाबू लाल कटारा सहित जो कि निलंबित हैं.) के पद खाली हैं. केसरी को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया हुआ है. सदस्य अशोक कलवार 31 जुलाई को रिटायर हो रहे हैं. आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के कोई नियम नहीं है. सरकार चाहे तो विधानसभा में अधिनियम पारित करवाकर योग्यता तय कर सकती है. सरकार केन्द्र सरकार को संविधान संशोधन के लिए भी बोल सकती है. UP,UK,CG,HP,MAHARASHTRA,TN,KERALA व तेलंगाना लोक सेवा आयोगों के RULES OF PROCEDURE  बने हुए हैं लेकिन RPSC में कुछ नहीं.

2.राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड 

यह एक वैधानिक संस्था है. एक अध्यक्ष व चार सदस्य होते हैं. वर्तमान में एक अध्यक्ष व दो सदस्य कार्यरत हैं जो कि पूर्ववर्ती सरकार के बनाए हुए हैं. RSSB में BJP सरकार अपना सदस्य तक भी नहीं बना पाई है. RPSC के पुनर्गठन की बात करने वाले एक वैधानिक संस्था (STATUARY BODY) RSSB में कोई सुधार नहीं कर पाए हैं ,RPSC तो दूर की बात है. RSSB के अध्यक्ष व सदस्य CM द्वारा नियुक्त किए जाते हैं. CM ही इन्हें पद से हटाता है. RSSB के कोई RULES OF PROCEDURE नहीं बने हुए हैं.

Advertisement

3.राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 

RBSE: यह एक निगमित निकाय है. (Corporate Body) इसकी संरचना इस प्रकार है:
1.एक अध्यक्ष 
2.पदेन सदस्य:6/7
3.निर्वाचित सदस्य:5
4.राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य:17
5.विधानसभाध्यक्ष द्वारा नामित राज्य विधानसभा के सदस्य:2
6.सहयोजित सदस्य:2

बता दें कि राज्य सरकार ने हाल ही में  हनुमान सिंह राठौड़ को RBSE का अध्यक्ष बनाया है. 2022 से यह पद खाली था. राज्य सरकार को RBSE की संरचना में बदलाव करना चाहिए. इसकी UPSC/RPSC की तरह एक स्थाई सरंचना होनी चाहिए. राज्य सरकार को RBSE को एक अध्यक्ष व 10 स्थाई सदस्यों के साथ पुनर्गठित करना चाहिए. इसके RULES OF PROCEDURE का निर्माण किया जाना चाहिए. वैसे RBSE की हालत RPSC व RSSB से भी बुरी है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement