नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अपने नए परिसर में कई बड़े बदलाव किए हैं. पेपर लीक और नीट यूजी परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद एजेंसी की परीक्षा प्रणाली, सुरक्षा और कामकाज के तरीके पर कई सवाल खड़े हुए थे. इसके बाद से ही इनमें सुधार की खबरें सामने आ रही थीं. लेकिन अब NTA अपने ढांचे से लेकर कर्मचारी की नियुक्तियों तक हर चीज में बदलाव कर रहा है. इनमें से एक बड़ा बदलाव यह है कि NTA का नया ऑफिर को भी शिफ्ट कर दिया गया है, जो दिल्ली के मिंटो रोड पर स्थित है. अब यहां के संवेदनशील और गोपनीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) की तैनाती की गई है.
इस नई व्यवस्था का मकसद परीक्षा से जुड़े गोपनीय कामकाज में अनधिकृत प्रवेश को रोकना और एक्सेस कंट्रोल को मजबूत करना है. रिपोर्ट के मुताबिक नए परिसर में 39 CISF जवान तैनात किए गए हैं. इनकी जिम्मेदारी प्रवेश और निकास की निगरानी के साथ स्क्रीनिंग और सुरक्षा जांच की होगी.
पहले कैसे होता था काम?
बता दें कि पहले NTA के काम करने का तरीका काफी अलग था. आयोग कर्मचारियों और अधिकारियों को अलग-अलग परीक्षाओं के लिए यीनिट में बांटा जाता था लेकिन अब इस व्यवस्था को भी बदल दिया गया है. नए सिस्टम में काम और विशेषज्ञता के आधार पर फंक्शनल वर्टिकल तैयार किए जा रहे हैं. इसका मकसद एजेंसी के अलग-अलग कामकाजी क्षेत्र में डोमेन स्पेसिफिक विशेषज्ञता विकसित करना है.
मिंटो रोड के नए ऑफिस में कामकाज का तरीका
एनटीए के गोपनीय परीक्षा संचालन से जुड़े काम को दिल्ली के मिंटो रोड स्थित गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है. नए परिसर में उन्हें 55,524 वर्ग फुट की जगह दी गई है. इसमें पांचवीं मंजिल के साथ चौथी और छठी मंजिल के कुछ हिस्से शामिल हैं. NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उसका वर्तमान पता मिंटो रोड स्थित इसी भवन का दिया गया है.
39 CISF जवान संभालेंगे सुरक्षा का काम
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद से नए परिसर में 39 CISF जवानों की तैनाती की गई है. इनकी जिम्मेदारी होगी कि जो लोग गोपनीय क्षेत्र में आ रहे हैं उनकी स्क्रीनिंग और एक्सेस कंट्रोल करना होगा. यहां तैनात CISF जवान एक्सेस कंट्रोल, स्क्रीनिंग और प्रवेश-निकास की निगरानी करेंगे.
सुरक्षा जांच में X-ray baggage screening और Door Frame Metal Detector (DFMD) के जरिए जांच भी शामिल है. संवेदनशील क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए CISF को अलग-अलग प्रवेश और निकास बिंदुओं पर तैनात किया गया है.
अलग-अलग लोगों को मिला रोल
खास बात यह है कि केवल काम करने के व्यवस्था में ही बदलाव नहीं किया जा रहा है बल्कि अधिकारियों की नियुक्ति भी की जा रही है. बता दें कि मई 2026 में सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत दो जॉइंट डायरेक्टर एनटीए में तैनात किए गए थे. अगस्त में 14 अधिकारी एजेंसी से जुड़े. इनमें ज्वाइंट सेक्रेटरी से लेकर असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर तक के अधिकारी शामिल है. इन अधिकारियों में आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस समेत अलग-अलग सरकारी सेवाओं से आने वाले अधिकारी शामिल है.
सिक्योरिटी ऑफिसर के पदों पर भी नियुक्ति
NTA में सुरक्षा, मानव संसाधन, परीक्षा मूल्यांकन एवं अनुसंधान, परीक्षा केंद्र, उम्मीदवारों की सुविधा, सूचना सुरक्षा, परीक्षा सुरक्षा और सतर्कता जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करने की प्रक्रिया भी चल रही है.
NEET पेपर लीक में क्या सामने आया?
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच CBI कर रही है. एजेंसी ने 28 जुलाई को दाखिल चार्जशीट में 13 आरोपियों को नामजद किया था. इनमें NTA से जुड़े तीन विषय एक्सपर्ट्स भी शामिल हैं. CBI के मुताबिक इन तीनों विशेषज्ञों ने NTA के confidential section में प्रश्नपत्र से जुड़े काम के दौरान कथित तौर पर सवालों तक पहुंच हासिल की. जांच में आरोप है कि एक विशेषज्ञ ने प्रश्नों और विकल्पों को छोटे कागजों पर लिखा, जबकि अन्य विशेषज्ञों पर कुछ प्रश्न याद करके बाद में उन्हें लिखने का आरोप है. यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये चार्जशीट में CBI के आरोप और जांच के निष्कर्ष हैं, अंतिम फैसला नहीं.
Nandan Nilekani की कमेटी भी कर रही परीक्षा सुधार पर काम
NEET-UG 2026 विवाद के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए Infosys के co-founder Nandan Nilekani की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया है. सितंबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि समिति ने stakeholders के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया है और उसकी रिपोर्ट सितंबर के अंत तक आने की संभावना है. इसे लेकर NEET-UG 2026 से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने NTA की नई व्यवस्था और सुधारों पर प्रगति रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि वह NTA के नए कार्यालय का निरीक्षण कर सकता है, ताकि यह देखा जा सके कि बताए गए सिस्टम में क्या सच में जमीनी स्तर पर काम हो रहा है या नहीं.
प्रोटोकॉल किए गए लागू
परीक्षा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए NTA ने पूरी प्रक्रिया के अलग-अलग स्तरों पर नए प्रोटोकॉल लागू किए हैं. इसमें प्रश्न पत्र तैयार होने से लेकर उसके अनुवाद, छपाई, पैकिंग और सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने तक हर चरण की निगरानी शामिल है. परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र के ट्रंक खोलने से लेकर उत्तरों की प्रोसेसिंग और रिजल्ट तैयार होने तक भी तय सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा.
उम्मीदवारों की पहचान और परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीकों का यूज भी किया जाएगा. इसके अलावा कई स्तरों पर रिस्क असेसमेंट, मोबाइल जैमर, CCTV निगरानी और AI आधारित तकनीकी टूल्स को भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है.
परीक्षा के दौरान निगरानी को एक ही स्तर तक सीमित नहीं रखा गया है. इसके लिए पांच स्तर वाली ओवरसाइट व्यवस्था तैयार की गई है, जिसके जरिए परीक्षा प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों पर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है.