केरल के त्रिशूर स्थित एक निजी स्कूल के मालिक का ऑडियो संदेश सामने आने के बाद बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. 'डॉ. राजू डेविस इंटरनेशनल स्कूल' (माला, त्रिशूर) के मालिक डॉ. राजू डेविस ने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश भेजकर कहा कि जो छात्र स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के जश्न में शामिल नहीं हुए, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए.
ऑडियो वायरल होने और मामला तूल पकड़ने के बाद छात्र संगठनों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया, जिसके बाद स्कूल मालिक को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी और माफी भी मांगनी पड़ी.
क्या है पूरा मामला? (व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा ऑडियो संदेश)
स्कूल के मालिक डॉ. राजू डेविस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद अभिभावकों और छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में एक नाराजगी भरा वॉयस नोट भेजा.
राजू डेविस ने कहा कि मैंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए सभी रूट्स पर बसें चलवाने में 1 लाख रुपये अलग से खर्च किए. मैं चाहता तो ये पैसे बचाकर अपनी जेब में रख सकता था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया ताकि बच्चे 15 अगस्त का महत्व समझ सकें.
उन्होंने आगे कहा कि आधे से ज्यादा गार्जियंस ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा. मैं इन बच्चों को कल क्लास में एंट्री नहीं दूंगा. पेरेंट्स को खुद आकर मुझसे मिलना होगा और जवाब देना होगा. यह बहुत ही गलत है. ऐसे लोगों को किसी दूसरे देश, यानी पाकिस्तान चले जाना चाहिए. वे इस देश में रहने के हकदार नहीं हैं.
विवाद बढ़ता देख मांगी माफी, दी विचित्र सफाई
जब यह वॉयस नोट तेजी से वायरल हुआ और पेरेंट्स व स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, तो राजू डेविस ने बैकफुट पर आते हुए एक और ऑडियो जारी किया. सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया. मैंने किसी खास धर्म के देश का नाम नहीं लिया. मैंने सूडान, बांग्लादेश या अरब देशों में जाने को नहीं कहा. मैंने पाकिस्तान का नाम इसलिए लिया क्योंकि 1947 से पाकिस्तान हमारे देश का दुश्मन देश रहा है. इसके बाद स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने शब्दों के लिए माफी मांग ली.
सड़कों पर उतरे छात्र संगठन
स्कूल मालिक के इस बयान के बाद केरल में राजनीतिक पारा चढ़ गया. कांग्रेस के छात्र संगठन (KSU) और वामपंथी छात्र संगठन (SFI) ने स्कूल मालिक के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. वहीं KSU के कार्यकर्ताओं ने डॉ. राजू डेविस के घर के बाहर प्रदर्शन किया और मुख्य सड़क को जाम कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने सड़क जाम कर रहे KSU कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया.