जब बात दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने और नए इनोवेशंस की होती है, तो भारतीय युवाओं का कोई सानी नहीं है. इस बात पर एक बार फिर मुहर लगाई है 'डायना अवॉर्ड्स 2026' के नतीजों ने. चार नवंबर को आयोजित वर्चुअल समारोह में जब साल 2026 के विजेताओं की घोषणा की गई, तो उसमें भारत का दबदबा देखकर हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया.
दुनिया भर के 44 देशों से चुने गए 198 युवा 'चेंजमेकर्स' में से 49 युवा अकेले भारत से हैं. इसका मतलब यह है कि इस साल अवॉर्ड पाने वाला हर चौथा युवा भारतीय (लगभग 25%) है. इस सूची में भारत सबसे बड़े दल के रूप में उभरा है, जिसके बाद नाइजीरिया (25 विजेता) और अमेरिका (23 विजेता) का नंबर आता है.
क्या है डायना अवॉर्ड और क्यों है यह खास?
ब्रिटेन की दिवंगत प्रिंसेस ऑफ वेल्स, डायना की याद में स्थापित यह सम्मान 16 से 25 वर्ष की आयु के उन युवाओं को दिया जाता है जिन्होंने सामाजिक कार्यों और मानवीय सेवाओं में असाधारण योगदान दिया हो. विजेताओं का चयन उनके नेतृत्व, जमीनी असर, साथियों के सशक्तीकरण और काम की निरंतरता के आधार पर किया गया है.
सम्मान पत्र के साथ-साथ सभी विजेताओं को प्रिंस ऑफ वेल्स, प्रिंस विलियम और ड्यूक ऑफ ससेक्स, प्रिंस हैरी की ओर से व्यक्तिगत सराहना पत्र भी प्राप्त हुए हैं.
जानिए कौन हैं ये जाबांज युवा
भारत के इन 49 विजेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्वच्छ ऊर्जा से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और मजदूरों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर काम करके मिसाल पेश की है. आइए नजर डालते हैं कुछ प्रमुख चेहरों और उनके चमत्कारी कार्यों पर...
आदर्श कुमार: गरीबी से उठकर 20 हजार छात्रों की बदली जिंदगी
बिहार के एक साधारण और गरीब परिवार में पले-बढ़े आदर्श कुमार की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. उन्होंने 'Skillzo' नाम का एक सोशल एंटरप्राइज शुरू किया, जो छात्रों को मेंटरशिप, स्किल डेवलपमेंट और पढ़ाई के बेहतरीन मौके मुहैया कराता है. वे अब तक 20,000 से ज्यादा छात्रों को सशक्त बना चुके हैं. खास बात यह है कि आदर्श 1,00,000 डॉलर का Chegg.org ग्लोबल स्टूडेंट प्राइज जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं.
AI, साफ हवा और पानी के अनोखे इनोवेशन
आदित्य यादव (इको फोर्स): आदित्य ने AI आधारित एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है जो पानी में आर्सेनिक और नाइट्रेट जैसे खतरनाक जहरीले तत्वों की पहचान करता है. इस तकनीक का सफल परीक्षण उनके गांव तारोनी के कुओं पर किया जा चुका है.
कृष अग्रवाल (प्रोजेक्ट वायु): कृष ने एक ऐसा कम लागत वाला 'स्मार्ट फिल्टर' विकसित किया है जो सामान्य पंखों को ही एयर प्यूरीफायर में बदल देता है. दिल्ली के वंचित स्कूलों में 10,000 से ज्यादा बच्चे इस स्वच्छ हवा का लाभ उठा रहे हैं.
प्रेरणा सिंघल (विकसित यूथ व ASHA): प्रेरणा 50 से अधिक देशों में 10,000 से ज्यादा वॉलंटियर्स का नेतृत्व कर रही हैं. उन्होंने 'ASHA' नाम का एक एआई-पावर्ड प्लेटफॉर्म बनाया है जो 30 से अधिक ओल्ड एज होम के 5,000 से ज्यादा बुजुर्गों की देखभाल करता है. इसके अलावा उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए एक पेटेंटेड डिवाइस भी बनाया है.
निर्माण मजदूरों की सुरक्षा से लेकर डिजिटल किसानी तक
शिव मांडलिक (मजदूरों के मसीहा): निर्माण कार्यों के दौरान ऊंचाई पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए शिव ने एल्युमीनियम और एफआरपी का 'मॉड्यूलर आर्म पोल' और 'संरक्षक' नामक रियल-टाइम फॉल-डिटेक्शन ऐप बनाया है. उनका यह इनोवेशन 6 शहरों के 21,000 से अधिक मजदूरों की जान की हिफाजत कर रहा है.
सक्षम कुमार (टेक ऑन द फील्ड): किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सक्षम ने 300 गांवों में 250 से ज्यादा वर्कशॉप आयोजित कीं. 25,000 से ज्यादा किसानों को एग्रीकल्चरल ड्रोन और मॉडर्न इरिगेशन सिस्टम चलाने की ट्रेनिंग दी गई.
आर्या बोरेले (धनाज बायोफ्यूल्स): आर्या बचा हुआ इस्तेमाल किया गया कुकिंग ऑयल इकट्ठा करके उसे बायोडीजल में तब्दील कर रही हैं.
वान्या गुप्ता: वान्या ने बच्चों की याददाश्त, ध्यान और प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी को मापने के लिए एक संगीत (MIDI ड्रम) पर आधारित कॉग्निटिव असेसमेंट टूल तैयार किया है.