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पिता की सर्जरी के बीच भी नहीं टूटा हौसला, बेटी बनी CA फाउंडेशन की टॉपर

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (ICAI) की तरफ से सीए फाउंडेशन का रिजल्ट जारी हो गया है. रिजल्ट के साथ-साथ टॉपर्स की लिस्ट भी जारी कर दी गई है. इसमें साक्षी जैन ने टॉप किया है. साक्षी को 92.75% मार्क्स मिले हैं. उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल किया है जिसके बाद से उनके परिवार में खुशी का माहौल है.

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CA Foundation परीक्षा में साक्षी ने किया टॉप.
CA Foundation परीक्षा में साक्षी ने किया टॉप.

कुछ सफलताएं सिर्फ नंबरों से नहीं मापी जाती. उस सफलता के पीछे संघर्ष के निशान, आंखों में आंसू, दिल में हिम्मत और परिवार का भरोसा होता है. साक्षी सुरेश जैन जो मूल रूप से पचोरा (जिला जलगांव) की रहने वाली हैं, लेकिन अभी नासिक में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं, ने CA फाउंडेशन परीक्षा में 400 में से 371 नंबर लाकर ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल किया है. लेकिन कहते हैं न हर सफलता के पीछे कई कहनियां छुपी होती हैं. 

परीक्षा से ठीक एक महीने पहले उनके पिता की हार्ट सर्जरी हुई थी, इसलिए उन्हें इमोशनल और मेंटल चुनौतियों का सामना करना पड़ा. हालांकि, उन्होंने उस दर्द से उभरकर अपने पिता को अपनी सफलता का मरहम लगाकर गर्व का कीमती पल दिया. साक्षी के पिता की ओपन हार्ट सर्जरी चेन्नई में होने से पहले, साक्षी और उनके पिता मार्च 2026 में कंसल्टेशन के लिए चेन्नई के ईसी हॉस्पिटल गए थे. एग्जाम मई में थे, जबकि उनके पिता की सर्जरी अप्रैल में हुई थी, लेकिन साक्षी ने अपनी तैयारी पर इसका जरा भी असर नहीं पड़ने दिया. 

बस पढ़ाई करो 

उन मुश्किल दिनों को याद करते हुए साक्षी ने कहा कि जब मेरे पापा की सर्जरी हुई तो मैं बहुत डरी हुई थी. लेकिन मेरी मां, मेरे चाचा और मेरे दादा-दादी ने मुझे हिम्मत दी. उन्होंने बस इतना कहा कि पापा की चिंता मत करो, हम उनका ख्याल रखेंगे, तुम बस पढ़ाई करो. यह सिर्फ मेरे परिवार के भरोसे की वजह से ही था कि मैं पूरी ताकत से एग्जाम का सामना कर पाई. साक्षी के पिता सुरेश जैन जलगांव जिले के पाचोरा में एक अनाज के कारोबरी हैं. बचपन से ही साक्षी अकाउंटेंसी के फील्ड में अपना करियर बनाना चाहती थीं. एक अच्छे भविष्य की तलाश में वह 10वीं के बाद नासिक पहुंच गईं. नासिक के BYK कॉलेज में जूनियर कॉलेज की पढ़ाई के दौरान, वह श्री जैन ओसवाल हॉस्टल में रहीं. 

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12वीं के बाद सपनों को दी उड़ान

12वीं के बाद उन्होंने B.Com के लिए SMRK महिला महाविद्यालय में एडमिशन लिया. अपनी लगातार मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने CA फाउंडेशन सफलतापूर्वक पास कर लिया और अब अगले CA इंटरमीडिएट एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी है. 

लगातार पढ़ाई ही सफलता की नींव बनी

साक्षी ने इम्पैक्ट कॉमर्स एकेडमी में तैयारी की. उसने दिन में दस से बारह घंटे लगातार पढ़ाई की और हर सब्जेक्ट में मास्टरी हासिल की. उसे भरोसा था कि एग्जाम के बाद वह देश के टॉप 20 में होगी लेकिन, जैसे ही उसे पता चला कि उसने रिजल्ट में नेशनल रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया है, साक्षी समेत पूरे जैन परिवार की आंखों में खुशी के आंसू आ गए. उसके पैतृक गांव पचोरा (जलगांव) में उसके लिए एक बड़ा जुलूस निकाला गया. समाज की ओर से उसे सम्मानित भी किया गया. 

सफलता के पीछे असली ताकत...

साक्षी कहती हैं कि हमें ईमानदारी से मेहनत करते रहना चाहिए, अपना बेस्ट देना चाहिए, वो मेहनत जरूर रंग लाती है, भले ही मैंने 12-12 घंटे पढ़ाई की, मैंने इस तरह से प्लान किया था कि अपने आप को  तरोताजा रख सकूं वरना एक समय ऐसा आता है जब तन और मन दोनों थक जाते हैं, आखिर में एनर्जी नहीं बचती, भले ही मैं बोर्डिंग स्कूल में थी लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि मैंने अपना समय बर्बाद किया, दोस्त और साथी भी ऐसे मिले जिन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया, अक्सर सफलता के पीछे किसी एक इंसान की मेहनत ही दिखती है लेकिन सफलता के असली सपोर्ट परिवार होता है, जो उस मेहनत का साथ देते हैं फिर चाहे कितने भी मुश्किल हालात क्यों न हों. 

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रिपोर्टर- प्रवीण ठाकरे
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