नीट पेपर लीक का मामला अभी शांत नहीं हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसे लेकर जांच अभी भी जारी है. इस बीच CBI ने इस मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया है. जांच एजेंसी ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि एक कोचिंग संचालक के मोबाइल में हाथों से लिखें हुए 136 प्रश्न मिले थे जिनमें से 111 सवाल NTA के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं. पेपर लीक से जुड़े इस खुलासे के बाद से मामला और पेचीदा हो गया है.CBI का कहना है कि परीक्षा से पहले ही पेपर का कुछ हिस्सा लोगों तक पहुंच चुका था.
मोबाइल में मिले 111 प्रश्न
CBI ने खुलासा किया कि महाराष्ट्र के लातूर में कोचिंग चलाने वाले शिवराज मोटेगांवकर की जब फोन की जांच की गई तब उनके फोन में हाथों से लिखें 136 प्रश्न मिले. जब इनका मिलान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के प्रश्नपत्र से मिलाया गया तो, उसमें से 111 सवाल एक जैसे मिल गए.
5 लाख में हुई थी डील
जांच में ये बात भी सामने आई है कि आरोपी को कथित तौर पर 23 अप्रैल को ही क्वेश्चन पेपर मिल गए थे. जांच एजेंसी ने बताया कि इस नेटवर्क में कई लोग शामिल थे. इनमें एक डॉक्टर, एक रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर समेत कई अन्य लोग शामिल थे. एजेंसी ने यह भी दावा किया कि पेपर उपलब्ध कराने के लिए करीब 5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था.
राजस्थान से महाराष्ट्र पहुंची जांच
बता दें कि इस पूरे मामले की शुरुआत राजस्थान से हुई था, जहां पर छात्र को गेस पेपर मिला था. जब जांच एजेंसियों ने उसका मिलान ओरिजनल पेपर से की तो 100 से अधिक सवाल मैच हो गए. इसके बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामला दर्ज कर लिया और इसे लेकर जांच शुरू कर दी. जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ा इसके तार महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों तक पहुंच गए.
दोबारा देनी पड़ी परीक्षा
हालांकि, इस मामले की जांच अभी तक जारी है. लेकिन 3 मई को हुई पेपर को रद्द कर दिया गया था. इसके बाद 21 जून को देशभर में दोबारा परीक्षा का आयोजन किया गया था जिसमें करीब 20 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था.