नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार के पश्चिमी चंपारण के सीमावर्ती इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है. गंडक, मसान, हरहा, कपन और भलुई जैसी पहाड़ी नदियां उफान पर हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो लोगों को भावुक कर रहा है. वीडियो में एक पिता अपने छोटे बेटे को कंधे पर बैठाकर तेज बहाव वाली नदी पार करता नजर आ रहा है, ताकि उसका बच्चा समय पर स्कूल पहुंच सके. नदी का बहाव इतना तेज था कि जरा-सी चूक दोनों की जान पर भारी पड़ सकती थी.
बताया जा रहा है कि नेपाल में लगातार बारिश के बाद सोमवार को वाल्मीकिनगर गंडक बराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इसके बाद पश्चिमी चंपारण के दोन क्षेत्र से गुजरने वाली कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी के किनारे नहीं जाने की सलाह दी है.
दोन क्षेत्र के लोगों के लिए यह संकट नया नहीं है. हर साल मानसून आते ही यहां के करीब 22 गांव चारों तरफ पानी से घिर जाते हैं. कई गांवों का सड़क संपर्क टूट जाता है और पुलों के अभाव में लोगों को उफनती नदियां पार करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर मरीजों और बुजुर्गों तक, हर किसी को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है.
वायरल वीडियो इसी मजबूरी की एक तस्वीर बनकर सामने आया है. पिता ने बेटे की पढ़ाई न रुके, इसके लिए अपनी जान की परवाह किए बिना नदी पार करने का फैसला किया. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से पुल और स्थायी संपर्क मार्ग की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है.
यह वीडियो केवल एक पिता के साहस और जिम्मेदारी की कहानी नहीं है, बल्कि उन अधूरे विकास कार्यों पर भी सवाल खड़ा करता है, जिनकी कमी का खामियाजा हर बरसात में हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है. अब लोगों की मांग है कि इस इलाके में स्थायी पुल और बेहतर संपर्क व्यवस्था जल्द बनाई जाए, ताकि हर मानसून में जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की नौबत खत्म हो सके.