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क्या होता है मूनलाइटिंग जॉब? बढ़ रहा है ट्रेंड, घर बैठे ही कमा सकते हैं लाखों रुपये, भारत में कितना है लीगल?

आज के समय में अच्छी नौकरी और बेहतर सैलरी की चाह हर किसी की होती है. लेकिन कई बार लोगों को लगता है कि उनकी मौजूदा नौकरी उनकी मेहनत के हिसाब से उतनी सैलरी नहीं मिल रही है. ऐसे में कुछ लोग अपनी आय बढ़ाने के लिए एक से ज्यादा काम करने का रास्ता चुनते हैं. इसी को मूनलाइटिंग (Moonlighting) कहा जाता है. इस समत साफ है कि कोई कर्मचारी अपनी मुख्य नौकरी के साथ अगल से कोई दूसरा काम करता हो या उसने इसे ही अपना फुल टाइम करियर बना लिया हो. 

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आखिर क्यों बढ़ रहा मूनलाइटिंग जॉब का ट्रेंड?
आखिर क्यों बढ़ रहा मूनलाइटिंग जॉब का ट्रेंड?

आज के दौर में जब महंगाई और खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं कई लोगों को अपनी सैलरी उम्मीद के मुताबिक नहीं लगती. ऐसे में कमाई बढ़ाने के लिए प्रोफेशनल्स एक अतिरिक्त काम या दूसरी नौकरी का विकल्प तलाश रहे हैं. इसी ट्रेंड को मूनलाइटिंग कहा जाता है, जिसमें लोग अपनी मुख्य नौकरी के साथ-साथ फ्रीलांसिंग, पार्ट-टाइम जॉब या घर से कोई दूसरा काम करके अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत में मूनलाइटिंग कानूनी है और क्या सच में घर बैठे लाखों रुपये कमाए जा सकते हैं?

मूनलाइटिंग बनता जा रहा है मुख्य करियर 

जहां एक ओर लोग अपनी मेन नौकरी के साथ मूनलाइटिंग का काम करते हैं. तो वहीं कई लोगों ने तो इसे ही अपना करियर बना लिया है. वह घर बैठे ही लाखों रुपये कमा लेते हैं. आज इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण घर से काम करने के कई विकल्प उपलब्ध हैं. लोग अपनी स्किल के आधार पर अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं. इनमें-

  • कंटेंट राइटिंग और कॉपीराइटिंग
  • ग्राफिक डिजाइनिंग
  • वेब डेवलपमेंट और प्रोग्रामिंग
  • ऑनलाइन ट्यूशन
  • डिजिटल मार्केटिंग
  • वीडियो एडिटिंग
  • कंसल्टिंग और फ्रीलांस प्रोजेक्ट शामिल हैं. 

क्या भारत में मूनलाइटिंग लीगल है?

मुख्य नौकरी के साथ मूनलाइटिंग करने वाले कर्मचारियों के मन में हमेशा एक सवाल होता है कि क्या भारत में कहीं गैरकानूनी तो नहीं है, लेकिन इसकी अनुमति कई चीजों पर निर्भर करती है. हालांकि, भारत में न तो यह पूरी तरह से लीगल है  और न ही पूरी तरह अवैध. यह कंपनी की पॉलिसी, कॉन्ट्रेक्ट और नियमों पर निर्भर करता है. 

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कई कंपनियां कर्मचारियों से यह उम्मीद करती हैं कि वे-

दूसरी कंपनी के लिए काम करने से पहले अनुमति लें. 
हितों के टकराव से बचें. 
कंपनी की गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल न करें.
ऑफिस के समय या कंपनी के संसाधनों का गलत इस्तेमाल न करें. 

कंपनियां मूनलाइटिंग का विरोध क्यों करती हैं?

कई कंपनियों का मानना है कि दूसरी नौकरी करने से कर्मचारी की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है. साथ ही डेटा सुरक्षा, गोपनीय जानकारी और काम की गुणवत्ता को लेकर भी चिंताएं रहती हैं. वहीं, दूसरी तरफ कर्मचारियों का तर्क है कि अगर वे अपना काम समय पर पूरा कर रहे हैं और अपनी अतिरिक्त स्किल से कमाई करना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी आजादी मिलनी चाहिए.

लगातार बढ़ रहा है ट्रेंड

हालांकि, आज के दौर में मूनलाइटिंग का ट्रेंड तेजी से आगे बढ़ा है. महंगाई बढ़ने, लाइफस्टाइल पर बढ़ते खर्च और बेहतर आर्थिक सुरक्षा की जरूरत के कारण कई लोग अतिरिक्त आय के विकल्प तलाश रहे हैं. खासकर युवा प्रोफेशनल्स फ्रीलांसिंग और रिमोट वर्क के जरिए अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

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