उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (UPTET) 2026 का काउंट डाउन शुरू हो गया है. इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. परीक्षा का आयोजन प्रदेशभर में 2 जुलाई से 4 जुलाई के बीच होगा. परीक्षा में लाखों उम्मीदवार हिस्सा लेने वाले हैं जिसके लिए दो शिफ्ट में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. जैसे-जैसे परीक्षा का समय पास आ रहा है छात्रों के मन की घबराहट बढ़ती जा रही है. छात्र सवाल कर रहे हैं कि पास करने के लिए कितने नंबरों की जरूरत होगी जिससे वह टीचर बन सकें. इस कड़ी में आइए जानते हैं कि UPTET के एग्जाम में कितने सवाल पूछे जाते हैं, इसके लिए मार्किंग सिस्टम कैसे होता है और किस कैटेगरी को कितने नंबर चाहिए होते हैं जिससे वह टीचर बन जाएं.
होते हैं पेपर-1 और पेपर-2
UPTET की परीक्षा में दो पेपर होते हैं. पहला पेपर कक्षा 1 से 5वीं के कक्षा तक के छात्रों को पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवार के लिए आयोजित किया जाता है. हालांकि, पेपर-2 टीजीटी होता है, जिसमें हायर लेवल के छात्रों को पढ़ाने के लिए आयोजित किया जाता है.
पूछे जाते हैं 150 सवाल
बता दें कि इस परीक्षा के हर पेपर में 150 सवाल पूछे जाते हैं, जो 150 नंबर के होते हैं यानी हर सवाल एक नंबर का होता है. सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होते हैं. यानी एक सवाल का जवाब देने के लिए 4 ऑप्शन दिए जाते हैं. एक सवाल सही होने पर एक नंबर दिया जाता है और अगर जवाब गलत है, तो इसके लिए कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होती है.
पास होने के लिए चाहिए इतने नंबर
हर पेपर 150 नंबर का होता है. लेकिन अगर क्वालीफाईंग मार्क्स की बात करें तो कैटेगरी वाइज अलग-अलग है. जनरल कैटेगरी को करीब 60 फीसदी नंबर पर ही पास माना जाएगा यानी मतलब साफ है 150 में से उन्हें 90 मार्क्स लेकर आना अनिवार्य है. इसी तरह ओबीसी और ST-SC कैंडिडेट्स को यूपी टीईटी क्वालीफाई करने के लिए 82 नंबर चाहिए होंगे यानी कि 82 सवाल सही होने चाहिए.
क्या है नॉर्मलाइजेशन?
अब इस साल परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन भी लागू किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूपी टीईटी में नॉर्मलाइजेशन को लागू करने का फैसला लिया है, जिसके पीछे का मुख्य कारण यूपी टीईटी में कैंडिडेट्स की अधिक संख्या और 6 पालियों में एग्जाम का आयोजन होना है. जब कोई एग्जाम कई शिफ्टों में आयोजित की जाती है, तो इसका रिजल्ट तैयार करने के लिए नियमानुसार नॉर्मलाइजेशन लागू किया जाता है. नॉर्मलाइजेशन एक मैथमेटिकल फॉर्मूला है. इसे फाॉर्मूले को कई शिफ्टों में पूरी हुई एग्जाम का फाइनल रिजल्ट तैयार करने के लिए लागू किया जाता है. इसे लागू करने का मुख्य मकसद एग्जाम में सभी कैंडिडेट्स को एक समान अवसर उपलब्ध कराना होता है.