विदेश में नौकरी करने का अनुभव सिर्फ काम और ऑफिस तक सीमित नहीं होता. वहां का कल्चर, काम करने का तरीका और सहकर्मियों का व्यवहार भी कई बार अलग अनुभव देता है. सोशल मीडिया पर एक भारतीय महिला का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह दक्षिण कोरिया में अपनी मैनेजर के व्यवहार से जुड़ा एक अनुभव शेयर किया है. उन्होंने बताया कि उनकी मैनेजर अक्सर कर्मचारियों का ख्याल रखती हैं और अक्सर ही उनके लिए कॉफी या खाने की चीजें भी लेकर आती हैं.
वीडियो में की डायरेक्टर की तारीफ
महिला ने वीडियो शेयर करते हुए बताया कि आज हमारी मीटिंग थी, जिसके लिए उन्हें और पूरे टीम को हेडक्वार्टर जाना था. इसमें करीब 2 घंटे का समय लगा और तब तक लंच टाइम निकल चुका था. यानी अगर 12 बजे का लंच होता है, तो 12.30 बज चुके थे. तब कंपनी की डायरेक्टर ने टीम से पूछा कि लंच का क्या प्लान है? पहले प्लान था कि सभी लोग साथ जाकर लंच करेंगे. लेकिन भारतीय महिला वेजिटेरियन हैं, जबकि उनके साथ काम करने वाले कुछ कर्मचारी नॉन-वेज खाना खाते हैं. ऐसे में सभी के साथ जाकर खाने की योजना थोड़ी अलग हो गई.
खाने के पैसे
महिला ने वीडियो में बताया कि जब सबके साथ लंच का प्लान कैंसिल हो गया तो, लंच में हुई देरी को देखते हुए उनकी डायरेक्टर ने मीटिंग में मौजूद सभी लोगों को खाने के लिए पैसे दे दिए. उन्होंने बताया कि मैनेजर ने इस बात का भी ध्यान रखा कि वह वेजिटेरियन हैं और बाकी कर्मचारियों की खाने की पसंद अलग है. इस तरह सभी लोग अपनी पसंद के हिसाब से खाना ले सकें, इसके उन्हें पैसे दे दिए.
ये पहली बार नहीं...
भारतीय महिला ने यह भी बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उनकी मैनेजर ने इस तरह कर्मचारियों का ध्यान रखा हो. उनके मुताबिक, उनकी डायरेक्टर अक्सर कभी कॉफी तो कभी खाने की कोई चीज ऑफिस लेकर आती रहती हैं. महिला ने वीडियो में अपनी डायरेक्टर के इस व्यवहार को एक अच्छा ऑफिस अनुभव बताया. उनके लिए यह खास इसलिए भी है क्योंकि विदेश में काम करते हुए ऑफिस का माहौल और डायरेक्टर का व्यवहार रोजमर्रा के अनुभव को काफी प्रभावित करता है. उन्होंने आगे कहा कि उनके इस व्यवहार को देखकर लगता है कि इंसानों को इंसानों की तरह ट्रीट किया जा रहा है.