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अमेरिका में बनाया करियर, IIT से डिग्री और हार्वर्ड से MBA, फिर भारत वापसी और बना दी 87 करोड़ की कंपनी 

अहाना गौतम ने अमेरिका की नौकरी छोड़कर भारत वापस आने के बाद ओपन सीक्रेट कंपनी शुरू की. आईआईटी बॉम्बे और हार्वर्ड से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने अपना बिजनेस शुरू करने का फैसला किया. उनकी कहानी बताती है कि भारत में अपना बिजनेस शुरू करना आसान नहीं है, लेकिन जोखिम लेकर अपने तरीके से सफलता हासिल की जा सकती है.

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अमेरिका से आकर भारत में बना दी 87 करोड़ की कंपनी. (LinkedIn/@Ahana Gautam)
अमेरिका से आकर भारत में बना दी 87 करोड़ की कंपनी. (LinkedIn/@Ahana Gautam)

भरतपुर से आईआईटी बॉम्बे, हार्वर्ड और फिर अमेरिका में एक अच्छी कॉर्पोरेट नौकरी तक, अहाना गौतम ने सफलता की एक शानदार कहानी लिखी है. लेकिन उन्होंने इस रास्ते को छोड़कर कुछ नया करने का फैसला किया है. उन्होंने अमेरिका की अच्छी सैलरी वाली नौकरी छोड़ी, भारत वापस आईं और बिजनेस शुरू किया. इसके बाद उन्होंने ओपन सीक्रेट नाम का स्नैक ब्रांड शुरू किया, जो आज करीब 87 करोड़ रुपये के राजस्व वाला बड़ा कारोबार बन चुका है. हालांकि, उनकी नौकरी केवल आरामदायक नौकरी छोड़ने के बारे में नहीं है बल्कि भारत लौटकर अपना कारोबार शुरू करने, अनिश्चितता का सामना करने और सफलता को अपने तरीके से तय करने की कहानी है. 

कैसा रहा है सफर? 

गौतम का सफर भरतपुर से शुरू होकर आईआईटी बॉम्बे तक पहुंचा, जहां उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की. ​​बाद में उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए किया और फिर संयुक्त राज्य अमेरिका में अपना कॉर्पोरेट करियर बनाया.

उनकी पढ़ाई और काम के अनुभव ने उन्हें बिजनेस, मार्केटिंग और मैनेजमेंट की अच्छी समझ दी. अमेरिका में उनके पास एक अच्छी कॉर्पोरेट नौकरी और आगे बढ़ने के कई मौके थे. लेकिन आखिरकार गौतम ने अमेरिका छोड़कर भारत लौटने और अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया. 

कितना आसान था भारत लौटने का फैसला? 

जब उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया, तो वह अपने प्लान B के लिए तैयार थीं. ओपन सीक्रेट का आइडिया भारत में लोगों की स्नैक खाने की आदतों को देखकर आया. गौतम ने ऐसे स्नैक्स बनाने का मौका देखा, जो स्वाद से समझौता किए बिना हेल्दी विकल्प दे सकें. इसी सोच से ओपन सीक्रेट ब्रांड शुरू हुआ. इसका मकसद भारतीयों के रोजमर्रा के स्नैक्स को लेकर सोचने के तरीके में बदलाव लाना था. हालांकि, इस आइडिया को बिजनेस में बदलना उनके लिए आसान नहीं था. उन्हें एक तय कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर उद्यमिता की अनिश्चित दुनिया में कदम रखना पड़ा. 

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नए सिरे से शुरुआत

भारत लौटने का मतलब कई मायनों में नए सिरे से शुरुआत करना था. एक स्थापित करियर पथ पर चलने के बजाय, गौतम को एक उपभोक्ता ब्रांड बनाना था, उत्पाद विकसित करने थे, एक टीम नियुक्त करनी थी, संचालन का प्रबंधन करना था और ग्राहक खोजने थे. इस फैसले के साथ कई चुनौतियां भी आईं. एक स्टार्टअप बनाने का मतलब था असफलताओं, परिचालन संबंधी बाधाओं, भर्ती संबंधी गलतियों और व्यवसाय को सफल बनाने के लगातार दबाव से निपटना. लेकिन गौतम ने ठीक यही रास्ता चुना था. 

एक आइडिया से 87 करोड़ रुपये के कारोबार तक

ओपन सीक्रेट ने समय के साथ अपने स्नैक्स की रेंज बढ़ाई है. कंपनी ने ऐसे लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई है, जो पारंपरिक पैकेट वाले स्नैक्स के बजाय दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं.  कंपनी ने करीब 87 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है, जो गौतम के बिजनेस सफर की बड़ी उपलब्धि है. 

सोशल मीडिया एक्स पर लिखा

स्वतंत्रता दिवस से पहले गौतम ने X पर एक पोस्ट में भारत लौटने के अपने फैसले के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका में जिस कॉर्नर ऑफिस में वह काम करना चाहती थीं, उसकी जगह अब वह भारत में अपना ऑफिस चला रही हैं. उन्होंने बिजनेस में आने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया, जैसे सामान पहुंचने में देरी, गलत लोगों की भर्ती और आंकड़ों में गड़बड़ी. फिर भी, वह इन मुश्किलों को अपने फैसले का हिस्सा मानती हैं.  उन्होंने लिखा कि यहां का हर मुश्किल दिन वह दिन है, जिसे मैंने कहीं और के आसान दिन की जगह चुना है. उन्होंने विदेश में रहने वाले भारतीयों से कहा कि भारत लौटकर देश की तरक्की में शामिल होने का यह अच्छा समय है. उनका कहना है कि सफलता के लिए विदेश जाना ही जरूरी नहीं है. 

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