भारत में ज्यादातर इंजीनियरिंग छात्रों का सपना IIT में पढ़ने का होता है. माना जाता है कि IIT की डिग्री मिलने के बाद करियर बनाना आसान हो जाता है लेकिन लावण्या जैन की कहानी बताती है कि सफलता पाने का केवल यही एक रास्ता नहीं है. लावण्या जैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी कहानी शेयर की है. उन्होंने बताया कि BTech की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. इसके बाद उन्होंने पार्ट-टाइम कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर काम शुरू किया और आज उनकी कमाई उनके कॉलेज के सबसे बड़े प्लेसमेंट पैकेज से भी ज्यादा है. पोस्ट में उन्होंने आगे बताया कि वह हर महीने 4.86 लाख रुपये कमाते हैं.
इस पोस्ट के बाद फिर से यह चर्चा शुरू हो गई कि आज के समय में अच्छी नौकरी और सफलता के लिए सिर्फ बड़ी कॉलेज की डिग्री ही नहीं बल्कि स्किल और अनुभव भी उतने ही जरूरी है.
नहीं लिया IIT में एडमिशन, बीच में छोड़ दिया कॉलेज
लावण्या ने लिखा कि मैं तो आईआईटी से भी नहीं हूं और फिर एक और चौंकाने वाली बात बताई. उन्होंने कहा कि दरअसल, मैंने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई अपने लास्ट सेमेस्टर में ही छोड़ दी थी. इतना ही नहीं उन्होंने कॉलेज छोड़ने के अपने इस फैसले को सबसे अच्छा फैसला बताया है.

पोस्ट के मुताबिक, वह पार्ट-टाइम कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर काम करते हुए अपने कॉलेज के सबसे बड़े प्लेसमेंट पैकेज से भी ज्यादा कमाई कर रहे हैं. उनका दावा है कि उनकी कमाई सालाना 1 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 85 लाख रुपये) से अधिक है. इसके अलावा, उनके पास कमाई के पांच अलग-अलग सोर्स भी हैं, जबकि उनकी मुख्य आय ही आरामदायक जीवन जीने के लिए काफी है.
शेयर किया स्क्रीनशॉट
अपने दावे के समर्थन में लावण्या ने Wise Payments के जरिए मिले बैंक ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए. इनमें करीब 3.74 लाख रुपये और 1.12 लाख रुपये की दो रकम दिखाई गई है. यानी एक साथ उन्हें लगभग 4.86 लाख रुपये मिले थे.
यह कोई दिखावा नहीं
लावण्या ने इसे शेयर करते हुए साफ कहा है कि उनका मकसद अपनी कमाई दिखाना नहीं था. उन्होंने लिखा कि यह कोई दिखावा नहीं है. उनका कहना था कि वह सिर्फ लोगों को यह बताना चाहते हैं कि IIT सफलता का इकलौता रास्ता नहीं है. उनके मुताबिक, IIT की सबसे बड़ी ताकत वहां का पूर्व छात्रों का नेटवर्क और मिलने वाले अवसर हैं, लेकिन करियर में आगे बढ़ने के लिए स्किल और मेहनत भी उतनी ही जरूरी है.
क्या स्किल को देनी चाहिए प्राथमिकता?
लावण्या ने अपनी पोस्ट के लास्ट में लिखा कि सफलता सिर्फ कॉलेज के नाम से नहीं बल्कि आपकी स्किल और काम करने की क्षमता से तय होती है. उन्होंने आगे लिखा कि अगर आपके साथ काम करने वाले लोग IIT से हैं, तो सिर्फ डिग्री नहीं बल्कि आपका प्रदर्शन मायने रखता है.
उनकी कहानी बताती है कि आज के समय में रिमोट वर्क, फ्रीलांसिंग और ऑनलाइन अवसरों ने करियर बनाने के नए रास्ते खोल दिए हैं. हालांकि, बड़े संस्थानों की अपनी अहमियत है, लेकिन अब कई क्षेत्रों में स्किल, अनुभव और लगातार सीखने की क्षमता को भी उतना ही महत्व दिया जा रहा है.