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साउथ कोरिया को मिला पहला KF-21 बोरामे फाइटर जेट... जानिए ताकत

साउथ कोरिया ने पहला KF-21 बोरामे फाइटर जेट प्राप्त किया. यह 4.5 पीढ़ी का मल्टीरोल फाइटर पुराने विमानों की जगह लेगा. 2030 के दशक तक 100 से अधिक विमान शामिल करने का लक्ष्य है.

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ये है साउथ कोरिया का केएफ-21 बोरामे फाइटर जेट. (Photo: Wiki/MOD South Korea)
ये है साउथ कोरिया का केएफ-21 बोरामे फाइटर जेट. (Photo: Wiki/MOD South Korea)

साउथ कोरियाई वायु सेना ने 22 सितंबर 2026 को अपना पहला KF-21 बोरामे फाइटर जेट मिल गया है. यह विमान कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के साचेओन संयंत्र में सौंपा गया और वहां से येचेओन एयर बेस के लिए उड़ाया गया. KF-21 को 'यंग हॉक' यानी युवा बाज का नाम दिया गया है. 

यह 4.5 पीढ़ी का मल्टीरोल फाइटर है जो विभिन्न भूमिकाएं निभाने में सक्षम है. वायु सेना प्रमुख जनरल सोन सुग-राग ने इस मौके पर कहा कि अब तक यह डेवलपर्स का समय था लेकिन आज से यह वायु सेना का समय है. यह बयान स्वदेशी विमान के सेवा में शामिल होने के महत्व को दर्शाता है.

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KF-21 बोरामे को फिर से एक्टिव किए गए 156वें फाइटर स्क्वॉड्रन में शामिल किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य पुराने हो चुके एफ-5 और एफ-4 फैंटम विमानों को बदलना है. ये पुराने विमान लंबे समय से सेवा में हैं. आधुनिक खतरों के मुकाबले कम प्रभावी हो गए हैं. नए विमान के आने से साउथ कोरियाई वायु सेना की लड़ाकू क्षमता में सुधार होगा.

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विमान की विशेषताएं और भूमिका

KF-21 बोरामे 4.5 पीढ़ी का मल्टीरोल फाइटर जेट है. यह हवाई श्रेष्ठता, जमीनी हमले और टोही मिशन समेत कई भूमिकाएं निभा सकता है. आधुनिक एवियोनिक्स, रडार और हथियार प्रणालियों से लैस यह विमान क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए डिजाइन हुआ है. 

'यंग हॉक' नाम इसकी चुस्ती और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाता है. स्वदेशी विकास होने के कारण रखरखाव और अपग्रेड आसान होगा. विदेशी निर्भरता कम होने से दीर्घकालिक लागत भी नियंत्रित रहेगी.

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विमान को साचेओन से येचेओन एयर बेस तक सफलतापूर्वक उड़ाया जाना इसकी प्रारंभिक परिचालन क्षमता का संकेत है. अब वायु सेना इसे अपने स्क्वाड्रन में शामिल कर प्रशिक्षण और परिचालन तैयारियां शुरू करेगी.

साउथ कोरिया ने स्पष्ट उत्पादन रोडमैप तय किया है. 2028 तक 40 ब्लॉक I संस्करण के विमान शामिल करने का लक्ष्य है. इसके बाद 2032 तक 80 ब्लॉक II विमान बनाए जाएंगे. कुल मिलाकर 2030 के दशक की शुरुआत तक 100 से अधिक KF-21 सेवा में होने की योजना है. यह योजना वायु सेना के बेड़े के आधुनिकीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ब्लॉक I और ब्लॉक II में क्षमताओं का क्रमिक विकास किया जाएगा जिससे विमान और अधिक प्रभावी बनेगा.

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KF-21 Boramae, South Korea

यह कार्यक्रम साउथ कोरिया की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है. कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने लंबे समय तक विकास कार्य किया और अब उत्पादन चरण में सफलता मिली है. वायु सेना प्रमुख का बयान डेवलपर्स से ऑपरेटर्स तक जिम्मेदारी के हस्तांतरण को रेखांकित करता है.

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क्षेत्रीय सुरक्षा और महत्व

KF-21 के शामिल होने से साउथ कोरियाई वायु सेना की शक्ति बढ़ेगी. पुराने विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर आधुनिक प्लेटफॉर्म लाने से परिचालन दक्षता सुधरेगी. क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए स्वदेशी फाइटर जेट की उपलब्धता रणनीतिक महत्व रखती है. यह विकास अन्य देशों के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत करता है जो अपने रक्षा उद्योग को मजबूत करना चाहते हैं.

आगे प्रशिक्षण, हथियार एकीकरण और स्क्वाड्रन स्तर की तैयारियां चलेंगी. पहला विमान मिलना केवल शुरुआत है. उत्पादन लक्ष्य पूरे होने पर साउथ कोरिया का लड़ाकू बेड़ा काफी हद तक आधुनिक हो जाएगा. KF-21 बोरामे साउथ कोरियाई वायु सेना के भविष्य की रीढ़ बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है.

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