रूस के साथ जारी जंग के बीच यूक्रेन की रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए नॉर्वे ने बड़ा कदम उठाया है. नॉर्वे की सरकार ने यूक्रेन के डिफेंस इंडस्ट्री में निवेश के लिए 1 अरब नॉर्वेजियन क्रोनर यानी करीब 107.6 मिलियन डॉलर का फंड बनाने का ऐलान किया है. भारतीय करेंसी में यह रकम करीब 900 करोड़ रुपये है. इस योजना के तहत नॉर्वे की सरकार अपने देश के निजी कारोबारी क्षेत्र के साथ मिलकर यूक्रेन में निवेश करेगी.
नॉर्वे सरकार के मुताबिक, इस फंड का मकसद यूक्रेन के रक्षा उद्योग में और ज्यादा निजी निवेश को आकर्षित करना है. सरकार की ओर से दी जाने वाली रकम निजी कंपनियों की पूंजी जुटाने में मदद करेगी, ताकि यूक्रेन की रक्षा तकनीक और उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सके. नॉर्वे एक नाटो देश है, जिसपर अमेरिका की तरह से पहले से ही रक्षा में निवेश का दबाव है.
निजी कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा नॉर्वे
नॉर्वे की उद्योग और वाणिज्य मंत्री सेसिली मिरसेथ ने कहा कि नॉर्वे का निवेश यूक्रेन के रक्षा क्षेत्र को और तेजी से विकसित करने में मदद कर सकता है. इस योजना का संचालन नॉर्वे की सरकारी निवेश कंपनी इन्वेस्टिनॉर (Investinor) करेगी.
योजना के तहत शुरुआती दौर में ऐसे निवेश फंड पर ध्यान दिया जाएगा, जिनकी नॉर्वे में गतिविधियां हैं और जो पहले से यूक्रेन की रक्षा तकनीक में निवेश कर रहे हैं. आगे चलकर इस योजना का दायरा बढ़ाकर यूक्रेन की कंपनियों में सीधे हिस्सेदारी खरीदने तक किया जा सकता है.
तीन साल में खर्च होगी रकम
इस निवेश योजना का वित्तीय ढांचा तीन साल के लिए तैयार किया गया है. इसके लिए पैसा नॉर्वे के बहुवर्षीय नानसेन सपोर्ट प्रोग्राम के तहत यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता के लिए पहले से तय बजट से लिया जाएगा.
यह भी पढ़ें: एलन मस्क से कैसे टकराएंगे पुतिन, अंतरिक्ष से रूस का दूसरा इंटरनेट सैटेलाइट भी गिरा
नॉर्वे के रक्षा मंत्री तोरे ओ. सैंडविक के मुताबिक, यूक्रेन की रक्षा क्षमता मजबूत करना यूरोप और नॉर्वे की लंबे समय की सुरक्षा में निवेश करने जैसा है. इस पहल के जरिए नॉर्वे न सिर्फ यूक्रेन के रक्षा उद्योग को मजबूत करना चाहता है, बल्कि अपनी निजी कंपनियों को भी वहां विकसित हो रही रक्षा तकनीक और उद्योग से जोड़ना चाहता है.