हर साल कार्तिक अमावस्या की रात दीपावली का त्योहार मनाया जाता है. इस साल दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान गणेश और लक्ष्मी जी की पूजा का विधान बताया गया है. मान्यता है कि दीपावली की रात लक्ष्मी पूजन से धनधान्य में वृद्धि होती है. ऐसे में घर में कभी धन का अकाल नहीं पड़ता है. आपने चित्रों में मां लक्ष्मी को हमेशा अकेले या फिर भगवान विष्णु के साथ ही देखा होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देवी लक्ष्मी का भी एक परिवार है, जिसका वर्णन शास्त्रों में किया गया है. आइए जानते हैं कि मां लक्ष्मी के परिवार में कौन-कौन हैं. उनकी बड़ी बहन कौन हैं और लोग उनसे क्यों डरते हैं.
1. पति
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी का विवाह भगवान विष्णु से हुआ था. इसलिए उन्हें नारायण की शक्ति और वैकुंठ की देवी माना जाता है. विष्णु जी ने जब अलग-अलग अवतार लिए तब लक्ष्मी ने भी उनके साथ सीता और रुक्मिणी जैसे रूप धारण किए थे. भगवान विष्णु को लक्ष्मी अत्यंत प्रिय हैं. अगर उन्हें प्रसन्न किए बिना विष्णु की कृपा नहीं पाई जा सकती है.
2. बड़ी बहन
मां लक्ष्मी की बड़ी बहन को अलक्ष्मी या ज्येष्ठा कहा जाता है. ज्येष्ठा का अर्थ बड़ी बहन होता है. धार्मिक मान्यताओं में अलक्ष्मी को दरिद्रता, दुर्भाग्य और कलह से जोड़ा गया है. उन्हें मां लक्ष्मी के विपरीत स्वरूप के रूप में देखा जाता है. कहते हैं कि जहां अलक्ष्मी वास कर लेती है, वहां कभी लक्ष्मी का वास नहीं हो सकता. जिन जगहों पर जुआ, शराब, महिलाओं का अपमान दुर्व्यवहार होता है, अलक्ष्मी उसी घर में प्रवेश करती है.
3. माता-पिता
कुछ धार्मिक मान्यता के अनुसार, महर्षि भृगु और उनकी पत्नी ख्याति मां लक्ष्मी के माता-पिता हैं. महर्षि भृगु ब्रह्माजी के मानस पुत्र और सप्तर्षियों में से एक माने जाते हैं. उन्हें 'भृगु संहिता' का रचनाकार भी माना जाता है. हालांकि समुद्र मंथन से जुड़ी कथा में देवी लक्ष्मी के क्षीरसागर से प्रकट होने का वर्णन मिलता है. मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान
4. भाई
समुद्र मंथन की कथा के अनुसार, लक्ष्मी और चंद्रमा दोनों समुद्र मंथन से ही निकले थे. इसलिए कुछ परंपराओं में चंद्र देव को लक्ष्मीजी का भाई माना जाता है. कई ग्रंथों में दक्षिणावर्ती शंख को भी मां लक्ष्मी का भाई बताया गया है.
5. संतान
शास्त्रों में कामदेव को मां लक्ष्मी का पुत्र बताया गया है. जबकि कुछ पौराणिक ग्रंथों में उनके 18 पुत्रों का वर्णन भी मिलता है. इनके नाम हैं- देवसखा, चिक्लीत, आनंद, कर्दम, श्रीप्रद, जातवेद, अनुराग, संवाद, विजय, वल्लभ, मद, हर्ष, बल, तेज, दमक, सलिल, गुग्गुल, कुरुण्टक. हालांकि, संतान को लेकर सभी परंपराओं में एक जैसी मान्यता नहीं है.
मां लक्ष्मी की बड़ी बहन से क्यों डरते हैं लोग?
मां लक्ष्मी की बड़ी बहन अलक्ष्मी को ज्येष्ठा नाम से भी जाना जाता है. इनका संबंध दरिद्रता, भूख, अशांति और कलह से बताया गया है. इसके विपरीत मां लक्ष्मी को धन, वैभव और खुशहाली की देवी माना जाता है. इसी वजह से लोग अलक्ष्मी के नाम से डरते हैं. मान्यता है कि अलक्ष्मी का वास उन जगहों पर होता है, जहां गंदगी, झगड़ा, ईर्ष्या और स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार होता है. जिस घर में अलक्ष्मी का प्रवेश हो गया, वहां लोग धन और सुख-समृद्धि के लिए तरस जाते हैं.