भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की रूस यात्रा के दौरान भारत और रूस ने थल सेना सहयोग बढ़ाने पर महत्वपूर्ण सहमति बनाई है. रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ता ग्राउंड फोर्सेस के मुख्य कमांड में हुई. इसमें सैन्य सहयोग और दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं की युद्ध क्षमता बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई.
दोनों पक्ष विभिन्न क्षेत्रों में थल सेना सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए. जनरल सेठ की यह यात्रा दोनों देशों के लंबे रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है. यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल रूसी सशस्त्र बलों के नेशनल डिफेंस मैनेजमेंट सेंटर और थल सेना के सैन्य शैक्षणिक संस्थानों का दौरा करेगा.
रूसी कर्नल जनरल अलेक्जेंडर मातोवनिकोव ने कहा कि मास्को और नई दिल्ली बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और क्षेत्रीय संघर्षों के समाधान पर समान दृष्टिकोण रखते हैं. ब्रिक्स सहयोग का प्रमुख मंच है. रूस साझेदारी की सकारात्मक गति से संतुष्ट है और रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है.
वार्ता में पेशेवर सैन्य सहयोग, प्रशिक्षण और मौजूदा रूसी मूल के प्लेटफॉर्म्स के लिए स्पेयर पार्ट्स सप्लाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. भारत की कई हथियार प्रणालियां रूसी मूल की हैं इसलिए नियमित आपूर्ति और उन्नयन महत्वपूर्ण है.
भारत-रूस रक्षा संबंध दशकों पुराने हैं. संयुक्त सैन्य अभ्यास, हथियार खरीद और तकनीक हस्तांतरण जारी है. इस वार्ता से थल सेना स्तर पर और करीबी तालमेल बढ़ेगा. दोनों देश बदलते वैश्विक परिदृश्य में एक-दूसरे के रणनीतिक साझेदार बने हुए हैं.
यह यात्रा सैन्य कूटनीति को मजबूत करती है. दोनों पक्ष समकालीन सैन्य विकास पर विचार साझा कर रहे हैं और सहयोग के नए रास्ते तलाश रहे हैं. जनरल धीरज सेठ की रूस यात्रा भारत-रूस रक्षा साझेदारी को नई दिशा दे रही है. थल सेना सहयोग का विस्तार दोनों देशों की सैन्य तैयारियों को मजबूत करेगा. बहुध्रुवीय विश्व की साझा दृष्टि इस संबंध को और गहरा बनाती है.