लखनऊ में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा जयंती के मौके पर कई मुद्दों को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने भगवान विश्वकर्मा की महत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि इंद्र की इंद्रपुरी से लेकर देवी-देवताओं के अस्त्र-शस्त्र तक का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया. अखिलेश यादव ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो गोमती नदी के किनारे रिवरफ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा का भव्य आधुनिक मंदिर बनाया जाएगा. साथ ही विश्वकर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा. अखिलेश यादव ने इस मौके पर राम आसरे कुशवाहा के समाजवादी पार्टी में शामिल होने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राम आसरे कुशवाहा के पार्टी में आने से पीडीए की लड़ाई मजबूत होगी. इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत भी किया.
सपा अध्यक्ष ने बीजेपी सरकार के निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी के समय होने वाले निर्माण कार्यों में काम पूरा होने से पहले ही उनके खराब होने की शिकायतें सामने आती हैं. इसी संदर्भ में उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उदाहरण दिया. अखिलेश यादव ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया था, लेकिन उद्घाटन के कुछ समय बाद ही उसके क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई. उन्होंने कहा कि आज भी इस एक्सप्रेसवे पर मरम्मत का काम चल रहा है. उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा. अखिलेश ने आरोप लगाया कि पहली बारिश में गंगा एक्सप्रेसवे की स्थिति ऐसी हो गई कि वह वाटर एक्सप्रेसवे जैसा दिखाई देने लगा था. उन्होंने यह भी दावा किया कि वहां बने गड्ढों को छिपाने के लिए भदोही से कालीन मंगाए गए थे.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को लेकर भी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि वहां लड़ाकू विमान उतारने की नकल तो की गई, लेकिन सड़क की स्थिति को लेकर सवाल बने हुए हैं. उनके मुताबिक, तेज रफ्तार में वहां सफर करने वाले लोगों को अस्पताल पहुंचने या कमर का इलाज कराने की नौबत आ सकती है. उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया और उसमें घोटाले का आरोप लगाया. अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं.
सपा अध्यक्ष ने डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कहा गया था कि इसका असर बड़े लोगों पर होगा, लेकिन नुकसान आम जनता को उठाना पड़ा. अखिलेश ने कहा कि अब UPI को भी पैसा लेने और चुंगी वसूलने की व्यवस्था में बदला जा रहा है. उन्होंने इस व्यवस्था का विरोध किया और 'चुंगीजीवियों' पर निशाना साधते हुए कहा कि पैसा वसूलने का यह तरीका बंद होना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों को पहले ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना दिखाया जा रहा था, लेकिन अब लेनदेन पर भी शुल्क की बात सामने आ रही है. 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR प्रस्तावित है, हालांकि छोटे व्यापारियों के लिए छूट समेत कुछ प्रावधान भी बताए गए हैं.
भगवान विश्वकर्मा मंदिर और छुट्टी का ऐलान
विश्वकर्मा जयंती के मौके पर अखिलेश यादव का सबसे बड़ा ऐलान भगवान विश्वकर्मा के मंदिर और सार्वजनिक अवकाश को लेकर रहा. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गोमती रिवरफ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा का भव्य आधुनिक मंदिर बनाया जाएगा और विश्वकर्मा जयंती पर छुट्टी घोषित की जाएगी. इस दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार के निर्माण कार्यों, एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और डिजिटल भुगतान पर शुल्क के मुद्दे को लेकर अपने राजनीतिक विरोध को सामने रखा. उनके बयान में विश्वकर्मा जयंती, पार्टी में नए नेताओं के शामिल होने, निर्माण कार्यों और UPI शुल्क जैसे कई मुद्दे प्रमुख रहे.