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ब्रिटेन-फ्रांस ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के हथियारों के ठिकाने पर किया स्ट्राइक

ब्रिटेन और फ्रांस की वायुसेनाओं ने शनिवार शाम सीरिया में इस्लामिक स्टेट (दाएश) के अंडरग्राउंड हथियार भंडार पर संयुक्त हवाई हमला किया. ब्रिटिश टाइफून विमानों ने फ्रांसीसी सहयोग से हमला किया. इलाका नागरिकों से खाली था. रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा कि यह दाएश के दोबारा उठने से रोकने की कार्रवाई है.

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ये यूरोफाइटर टाइफून फाइटर जेट, जिससे सीरिया में इस्लामिक स्टेट के हथियार डिपो पर हमला किया गया है. (File Photo: Krasimir Grozev-wikipedia)
ये यूरोफाइटर टाइफून फाइटर जेट, जिससे सीरिया में इस्लामिक स्टेट के हथियार डिपो पर हमला किया गया है. (File Photo: Krasimir Grozev-wikipedia)

ब्रिटेन और फ्रांस की वायुसेनाओं ने शनिवार (3 जनवरी) की शाम को सीरिया में एक संयुक्त हवाई अभियान चलाया. इस अभियान में इस्लामिक स्टेट (आईएस या दाएश) के एक अंडरग्राउंड हथियार भंडार को निशाना बनाया गया. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी.

यह ठिकाना सीरिया के मध्य भाग में प्राचीन शहर पल्मायरा के उत्तर में पहाड़ी इलाके में था. खुफिया जानकारी के अनुसार, यहां आईएस हथियार और विस्फोटक रखता था. हमले से पहले इलाके में कोई नागरिक नहीं थे, इसलिए कोई नागरिक हताहत होने का खतरा नहीं था.

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अभियान की डिटेल्स: कैसे हुआ हमला

ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) के टाइफून एफजीआर4 लड़ाकू विमानों ने फ्रांस के विमानों के साथ मिलकर यह हमला किया. ब्रिटिश विमानों को वोयेजर रिफ्यूलिंग टैंकर ने हवा में ईंधन भरा. उन्होंने पेववे IV गाइडेड बमों से भूमिगत ठिकाने के प्रवेश सुरंगों को निशाना बनाया.

रक्षा मंत्रालय ने जारी एक वीडियो में टाइफून विमानों को हवा में रिफ्यूलिंग करते दिखाया. शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, हमला सफल रहा और सभी ब्रिटिश विमान सुरक्षित लौट आए. विस्तृत जांच अभी चल रही है.

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ब्रिटिश रक्षा मंत्री का बयान

ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि यह कार्रवाई ब्रिटेन की नेतृत्व क्षमता दिखाती है. हम अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दाएश को रोकने और मध्य पूर्व में उनकी खतरनाक एवं हिंसक विचारधारा को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह अभियान उन खतरनाक आतंकवादियों को खत्म करने के लिए था जो हमारी जीवन शैली को खतरा देते हैं.

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आईएस के खिलाफ लड़ाई क्यों जारी

इस्लामिक स्टेट ने 2014-2019 तक सीरिया और इराक के बड़े हिस्सों पर कब्जा किया था और क्रूर शासन चलाया. 2019 में बघुज की लड़ाई में उसे सैन्य रूप से हरा दिया गया. लेकिन अब भी उसके कुछ अवशेष बचे हैं. वह दोबारा उभरने की कोशिश कर सकते हैं.

इसलिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन (जिसमें ब्रिटेन और फ्रांस शामिल हैं) सीरिया के ऊपर गश्त जारी रखता है. ब्रिटेन का ऑपरेशन शेडर इसी का हिस्सा है. पश्चिमी देशों की वायुसेनाएं आईएस के ठिकानों पर नजर रखती हैं और जरूरत पड़ने पर हमला करती हैं.

Britain France Syria Strike

दुनिया की प्रतिक्रियाएं और आगे क्या

यह हमला आईएस के खिलाफ जारी वैश्विक प्रयासों का हिस्सा है. अमेरिका ने भी हाल ही में सीरिया और अन्य जगहों पर आईएस ठिकानों पर हमले किए हैं. फ्रांस और ब्रिटेन के इस संयुक्त अभियान से दोनों देशों की सैन्य सहयोग मजबूत दिखता है.

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अभी तक सीरियाई सरकार या आईएस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन यह कार्रवाई मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखने और आतंकवाद रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. आने वाले दिनों में और जानकारी सामने आ सकती है.

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