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मादुरो ने किया था चैलेंज- मुझे आकर पकड़ो, देर मत करो कायरों... और अमेरिका ने कर दिखाया

अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. ट्रंप प्रशासन ने यह कार्रवाई ड्रग तस्करी के आरोपों पर की. मादुरो ने पहले ट्रंप को चुनौती दी थी कि आकर मुझे पकड़ो. अब वे न्यूयॉर्क में कोर्ट का सामना करेंगे.

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व्हाइट हाउस ने इसी वीडियो क्लिप को अपने मिशन के क्लिप के साथ जोड़कर जारी किया है. (Videograb: X/TheWhiteHouse)
व्हाइट हाउस ने इसी वीडियो क्लिप को अपने मिशन के क्लिप के साथ जोड़कर जारी किया है. (Videograb: X/TheWhiteHouse)

अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को सैन्य मिशन में गिरफ्तार कर लिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा की और कहा कि यह अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम था. यह घटना 3 जनवरी 2026 को हुई, जब अमेरिकी सेना ने काराकस में एक बड़ा हमला किया.

इस अभियान को ऑपरेशन एब्सोल्यूट जस्टिस नाम दिया गया था. मादुरो पर अमेरिका में ड्रग तस्करी और आतंकवाद के आरोप हैं, जो 2020 से लगे हुए हैं.

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मादुरो ने अमेरिका को चुनौती दी थी. एक पुराने वीडियो क्लिप में, जो व्हाइट हाउस द्वारा जारी किए गए वीडियो में दिखाया गया है. मादुरो कहते हैं कि मुझे आकर पकड़ो! मैं यहां मिराफ्लोरेस (राष्ट्रपति महल) में तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं. देर मत करो, कायरों. (Come get me! I’ll wait here in Miraflores. Don’t take long to arrive. Cowards!).

व्हाइट हाउस ने यह वीडियो जारी किया, जिसमें मादुरो की यह चुनौती और अमेरिकी अभियान की क्लिप्स हैं – यह दिखाते हुए कि अब अमेरिका ने उन्हें पकड़ लिया.

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मादुरो का बैकग्राउंड: वेनेजुएला की समस्या की जड़

निकोलस मादुरो 2013 से वेनेजुएला के राष्ट्रपति हैं. वे ह्यूगो शावेज़ के बाद आए, जो समाजवादी नीतियों के लिए जाने जाते थे. लेकिन मादुरो के शासन में देश में बड़ा आर्थिक संकट आया. तेल के दाम गिरने, भ्रष्टाचार और गलत नीतियों से महंगाई आसमान छू गई. लाखों लोग भूखमरी और गरीबी से जूझ रहे हैं. लाखों वेनेजुएलावासी देश छोड़कर भाग चुके हैं.

मादुरो की सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप हैं. विरोधियों को जेल में डाला जाता है, चुनावों में धांधली होती है. 2024 के चुनाव में मादुरो ने जीत का दावा किया, लेकिन विपक्ष ने इसे फर्जी बताया. अमेरिका और कई देश मादुरो को वैध राष्ट्रपति नहीं मानते.

ट्रंप के पहले कार्यकाल में अमेरिका ने जुआन गुआइडो को अंतरिम राष्ट्रपति माना. मादुरो पर प्रतिबंध लगाए. मादुरो पर अमेरिकी न्याय विभाग ने 2020 में नारको-टेररिज्म (ड्रग्स से जुड़े आतंकवाद) के आरोप लगाए. 15 मिलियन डॉलर का इनाम रखा.

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सैनिक मिशन की पूरी डिटेल

ट्रंप प्रशासन ने महीनों से इस अभियान की तैयारी की. सीआईए की टीम वेनेजुएला में घुसी और मादुरो की हरकतों पर नजर रखी. 3 जनवरी की सुबह अमेरिकी सेना ने हमला किया. 150 से ज्यादा विमान शामिल थे. स्पेशल फोर्सेस ने मादुरो के कंपाउंड पर छापा मारा.

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एक विमान पर हमला हुआ, लेकिन कोई अमेरिकी सैनिक नहीं मरा. मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर अमेरिकी जहाज यूएसएस इवो जिमा पर ले जाया गया. अब वे न्यूयॉर्क की जेल में हैं. जल्द अदालत में पेश होंगे. ट्रंप ने कहा कि मादुरो को मौका मिला था, लेकिन वह नहीं सुधरा. हम अमेरिकियों को हर खतरे से बचाएंगे.

दुनिया की प्रतिक्रियाएं: खुशी और गुस्सा दोनों

वेनेजुएला के लोग खुश हैं. काराकस, कोलंबिया और अमेरिका में वेनेजुएलावासी जश्न मना रहे हैं. वे कहते हैं कि अब देश आजाद होगा. लेकिन कुछ लोग इसे गलत बता रहे हैं. अमेरिका के कुछ लिबरल ग्रुप्स कहते हैं कि यह युद्ध अपराध है. कांग्रेस की मंजूरी के बिना हुआ.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, चीन ने इसे संप्रभु देश पर हमला बताया. रूस और ईरान भी नाराज हैं, क्योंकि मादुरो उनके साथी हैं. वेनेजुएला ने एक अंतरिम नेता घोषित किया है, लेकिन अमेरिका कहता है कि वह अस्थायी रूप से देश चलाएगा. एक्स पर लोग कह रहे हैं कि ट्रंप ने मदुरो को सबक सिखाया है. 

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आगे क्या: तेल की कीमतें और नई सरकार

वेनेजुएला में दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं. इस घटना से तेल की कीमतें 6-7% बढ़ सकती हैं. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों पर हमला करेगा, तो अमेरिका जवाब देगा. इससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ सकता है.
वेनेजुएला में अब नई सरकार बनेगी.

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अमेरिका कहता है कि यह लोगों की मदद करेगा, लेकिन क्या इससे स्थिरता आएगी या नया संकट? यह आने वाले दिनों में पता चलेगा. यह घटना दिखाती है कि ट्रंप प्रशासन विदेश नीति में सख्त रुख अपनाएगा.

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