नेवादा में हाल ही में हुए टेलहुक सिंपोजियम में अमेरिकी नौसेना ने अपनी अगली पीढ़ी की लंबी दूरी वाली एयर-टू-एयर मिसाइल AIM-424 मैलिस (Malice) का खुलासा किया. इसे आधिकारिक तौर पर Long Range Air-to-Air Missile (LRAAM) भी कहा जाता है.
रेथियॉन द्वारा विकसित यह मिसाइल अमेरिकी नौसेना और मरीन कॉर्प्स के विमानों को एडवांस खतरों के खिलाफ ज्यादा दूरी से हमला करने की क्षमता देगी. खासकर प्रशांत क्षेत्र में चीन जैसे प्रतिद्वंद्वियों की लंबी दूरी की मिसाइलों और बॉम्बर्स का मुकाबला करने के लिए इसे बनाया गया है.
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यह मिसाइल मुख्य रूप से F-35C लाइटनिंग II के आंतरिक वेपन बे में फिट होने के लिए डिजाइन की गई है. इससे विमान की स्टेल्थ क्षमता बरकरार रहती है. बाहर हथियार लटकाने से रडार सिग्नेचर बढ़ जाता है, लेकिन इटंरनल कैरेज से F-35C अपनी स्टेल्थ वाली खूबी बनाए रखते हुए लंबी दूरी तक मार कर सकता है.
साथ ही इसे F/A-18E/F सुपर हॉर्नेट और भविष्य के F/A-XX फाइटर पर भी लगाया जा रहा है. परीक्षण दोनों प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे हैं. सुपर हॉर्नेट पर एक साथ चार मिसाइलें लोड की जा चुकी हैं.

तकनीकी विशेषताएं और क्षमताएं
AIM-424 की लंबाई 13.5 फीट, व्यास 13.5 इंच और पंखों का फैलाव 26.2 इंच है. वजन करीब 680.4 किलोग्राम है. यह सॉलिड-प्रोपेलेंट रॉकेट मोटर से चलती है. ब्लास्ट-फ्रैगमेंटेशन वॉरहेड से लैस है. इसकी रेंज 463 किलोमीटर से ज्यादा बताई गई है. कुछ रिपोर्ट्स में इसे दो-स्टेज मिसाइल बताया गया है, जिससे ज्यादा गति और दूरी मिलती है.
यह AIM-120 AMRAAM से काफी बड़ी और लंबी दूरी वाली है. AIM-174B से भी इसकी रेंज और स्पीड बेहतर मानी जा रही है. विशेष एयरोडायनामिक फिन्स और स्ट्रेक्स के कारण बड़े आकार के बावजूद इसमें अच्छी मैन्यूवरेबिलिटी बनी रहती है. इससे यह फाइटर जेट जैसे तेज और भागने वाले टारगेट्स को भी निशाना बना सकती है. कई तकनीकी विवरण अब भी क्लासीफाइड हैं ताकि दुश्मन को जानकारी न मिले.
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रणनीतिक महत्व और इसके फायदे
चीन जैसे देशों के पास लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलें और एंटी-शिप मिसाइलें हैं, जो अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप्स को दूर से ही खतरा पहुंचा सकती हैं. AIM-424 मैलिस इसी चुनौती का जवाब है. यह फ्लीट डिफेंस को मजबूत करेगी. अमेरिकी विमानों को सुरक्षित दूरी से दुश्मन के विमानों या लॉन्च प्लेटफॉर्म्स को नष्ट करने में मदद करेगी.
F-35C के अंदर फिट होने की वजह से स्टेल्थ मिशन में इसका बड़ा फायदा है. सुपर हॉर्नेट जैसे गैर-स्टेल्थ विमान इसे बाहरी रूप से ज्यादा संख्या में ले जा सकते हैं, जिससे फायरपावर बढ़ेगी. भविष्य के छठी पीढ़ी के F/A-XX पर भी यह लगेगी, जिससे पूरे कैरियर एयर विंग की क्षमता बढ़ जाएगी.
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यह मिसाइल सिर्फ नौसेना तक सीमित नहीं, बल्कि संयुक्त प्रयासों का हिस्सा है जो अमेरिकी वायुसेना के भविष्य के विमानों के साथ भी काम कर सकती है. अब यह एडवांस टेस्टिंग स्टेज में है. हालांकि तैनाती का सटीक समय अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.
भविष्य का एयर वॉरफेयर
AIM-424 मैलिस अमेरिकी नौसेना की एयर डोमिनेंस बनाए रखने की कोशिश का महत्वपूर्ण हिस्सा है. लंबी रेंज, स्टेल्थ कम्पैटिबिलिटी और मल्टी-प्लेटफॉर्म क्षमता इसे आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुकूल बनाती है. जैसे-जैसे परीक्षण आगे बढ़ेंगे, इसकी असली ताकत और ज्यादा साफ होगी. यह मिसाइल न सिर्फ तकनीक बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है.